फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Migrant laborer brutally murdered in Chitrakoot up

चित्रकूट में प्रवासी कामगार की बेरहमी से हत्या, ग्राम प्रधान और पूर्व ब्लाक प्रमुख के पुत्र समेत सात पर रिपोर्ट

Mon, 10 Aug 2020 10:17 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 10 Aug 2020 10:17 PM IST
विज्ञापन
Migrant laborer brutally murdered in Chitrakoot up
मृतक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र के तिलौली गांव में रविवार की शाम सात बजे मंदिर से पूजा कर लौट रहे प्रवासी कामगार की गांव के ही छह से ज्यादा युवकों ने सेसा सुबकरा गांव के रास्ते पर लाठी-डंडे और लोहे की राड से पीट-पीट कर हत्या कर दी।
विज्ञापन


परिजनों और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने से पहले ही हमलावर भाग गए। घटना से आक्रोशित परिजन शव लेकर मऊ थाने पहुंचे, पर गेट बंद मिला। इस पर ग्रामीणों संग परिजनों ने पुलिस पर हत्यारोपियों से सांठगांठ का आरोप लगा झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
विज्ञापन


लगभग दो घंटे बाद देर रात 12 बजे एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर जाम खोला गया। मामले में प्रधान और पूर्व ब्लाक प्रमुख के पुत्र समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हत्या के पीछे मृतक के परिजनों से आरोपियों की पुरानी रंजिश बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मऊ थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी सुशील गौतम (28) पुत्र भूपत रविवार की दोपहर खेत की रखवाली करने तिलौली गांव गए थे। शाम को ट्यूबवेल पर नहाने के बाद वह वहीं के मंदिर में पूजा करने चले गए। मंदिर से जैसे ही सुशील शाम सात बजे बाहर निकलकर घर जाने लगे, तभी सेसा सुबकरा के रास्ते पर गांव के युवकों ने पुरानी रंजिश के चलते उनको घेर लिया और गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडे, राड और धारदार हथियार से हमला बोल दिया।

सुशील को मरणासन्न हालत में छोड़कर हमलावर भाग गए। इलाकाई लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सुशील की मौत हो चुकी थी। आक्रोशित परिजन व ग्रामीण रात साढ़े नौ बजे सुशील का शव को लेकर थाने पहुंचे, लेकिन थाने का गेट बंद मिला। इस पर ग्रामीणों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।

जाम से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। परिजन हत्यारों के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जानकारी पर एसडीएम राजबहादुर और सीओ विज्येंद्र द्विवेदी के साथ मऊ के अलावा राजापुर, बरगढ़ व रैपुरा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

ग्रामीण हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। दो घंटे बाद कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोला गया। मृतक के भाई संजय गौतम की तहरीर पर तिलौली के ग्राम प्रधान राधेश्याम मिश्रा, पूर्व ब्लाक प्रमुख दीप नारायण के पुत्र गोलू मिश्रा, बालकृष्ण मिश्रा, विद्यासागर मिश्रा, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, ऋषिमुनि मिश्रा और अश्वनी मिश्रा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।

थाना प्रभारी सुभाष चौरसिया ने बताया कि हत्यारोपी फरार हैं, सभी की तलाश की जा रही है। वहीं सोमवार को मुख्यालय में पुलिस सुरक्षा में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार कर दिया।

पुलिस गाड़ी रोक देती तो बच जाती सुशील की जान
सुशील की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि वारदात के समय पुलिस का वाहन वहां से गुजरा था। ग्रामीणों ने वाहन रोकने का प्रयास किया। पुलिस कर्मियों ने नहीं रोका। सूचना के डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

मऊ से तिलौली की दूरी तीन किमी है। पुलिस उस समय वाहन रोक देती तो समय से अस्पताल पहुंचने पर जान बच सकती थी। वाहन का इंतजाम कर परिजन करीब डेढ़ घंटे बाद अस्पताल पहुंच सके थे। परिजनों ने बताया कि हमले के बाद सुशील गौतम काफी देर तक जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा।

वह मजबूत कद काठी का था। सुशील ने मौजूद लोगाें को पूरी घटना और मारने वालों के नाम बताए थे। इस दौरान पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस ने बयान दर्ज नहीं किए। न ही आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। उधर, सीओ विज्येंद्र द्विवेदी का कहना है कि पुलिस लापरवाही की जानकारी नहीं है। सूचना पर पुलिस टीम पहुंच गई थी। हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है। किसी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।

मुंबई की डायमंड कंपनी में काम करता था
सुशील मुंबई में एक डायमंड कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन के दौरान 19 मई को मुंबई से लौटा था। काम शुरू न होने से वह मुंबई नहीं गया था। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। मां मुन्नी देवी व पत्नी गीता देवी का हाल बेहाल है। एक पुत्र आर्यन एक पुत्री सौती है। परिजनों के अनुसार 15 अगस्त के बाद सुशील को मुंबई जाना था।

आरोपियों की जेसीबी और जेनरेटर थाने में
सुशील के परिजनों के मुताबिक, तिलौली के हत्यारोपियों की जेसीबी और जेनरेटर पुलिस ने पहले से थाने में खड़ा करा लिया था। इससे साबित होता है कि हत्यारोपियों की पहले से हमले की योजना थी। वारदात के बाद जेसीबी और जेनरेटर को क्षति न पहुंचे, इससे इन्हें पहले से थाने के पास खड़ा करा दिया था। वहीं सीओ विज्येंद्र द्विवेदी ने बताया कि यह आरोप गलत हैं। थाने में पत्थर लगाने और मरम्मत का काम चल रहा है। इससे जेसीबी और जेनरेटर मंगाया गया था। सीओ इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि आखिर इन्हीं लोगों की जेसीबी और जेनरेटर क्यों मंगाया गया था। मऊ  इलाके में कई लोगों के पास यह दोनों चीजें हैं।

बीडीसी चुनाव की चल रही है रंजिश
शिवपुर के संजय गौतम और पूर्व ब्लाक प्रमुख दीप नारायण के परिवार के बीच चार साल से बीडीसी सदस्य चुनाव की रंजिश चल रही है। दोनों पक्षों में कई बार मारपीट भी हो चुकी है। कई बार थाने तक मामला पहुंच चुका है। चार साल पहले दीप नारायण बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़े थे। संजय ने भी इसी सीट से दावा ठोक दिया था। दीप नारायण के परिजनों ने संजय को चुनाव लड़ने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना। हालांकि, दीपनारायण चुनाव जीत गए।

बाद में मऊ के ब्लाक प्रमुख भी बने। इसके बाद दोनों परिवारों की दुश्मनी बढ़ गई। पूर्व ब्लाक प्रमुख दीप नारायण व तिलौली ग्राम प्रधान राधेश्याम का परिवार एक ही है। तीन साल पहले परिवार के सदस्यों ने तिलौली के ट्यूबवेल पर संजय पर जानलेवा हमला किया था। इसका बदला लेेने को दो साल पहले संजय के परिजनों ने विद्यासागर आदि पर हमला किया था। इसमें संजय को जेल जाना पड़ा था। इसके बाद संजय के घर को गांव वालों ने जला दिया था। इस बीच पूर्व ब्लाक प्रमुख दीप नारायण का निधन हो गया। दोनों परिवार के बीच दुश्मनी खत्म नहीं हुई। रविवार को हुई इस घटना को इसी दुश्मनी से जोड़कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed