Kanpur: मोतीझील से सेंट्रल तक जल्द शुरू होगा मेट्रो का संचालन, पीएम मोदी या सीएम योगी दिखा सकते हैं हरी झंडी
Kanpur News: मेट्रो रेल प्रशासन के मुताबिक आईआईटी से कानपुर सेंट्रल की दूरी 25 मिनट में मेट्रो ट्रेन तय करेगी। इसका किराया 40 रुपये निर्धारित किया गया है। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक आवागमन में करीब 15 मिनट में ट्रेन मिलेगी।
विस्तार
कानपुर में मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने गुरुवार को मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेन संचालन की मंजूरी दे दी। इससे आईआईटी से 16 किलोमीटर दूर कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक यात्रियों को भूमिगत मेट्रो की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने राज्य सरकार को इसकी सूचना दे दी है। 10 दिन बाद किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखा सकते हैं।
यूपीएमआरसी कॉरिडोर-1 में आईआईटी से मोतीझील तक नौ किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन में सात मेट्रो ट्रेनें चला रहा है। मोतीझील से चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज होते हुए कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो संचालन की तैयारियां कर ली हैं। बीती 20 और 21 मार्च को सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग ने इस भूमिगत सेक्शन का निरीक्षण किया था। मोतीझील से कानपुर सेंट्रल के बीच ट्रेन का स्पीड टेस्ट भी किया गया था। उन्होंने मुख्य रूप से मेट्रो परिसरों और ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया था। इसके आधार पर गुरुवार को उन्होंने कानपुर मेट्रो को यात्री सेवा के विस्तार के लिए अपना अनुमोदन प्रदान किया।
25 मिनट में पहुंचेंगे आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन
मेट्रो रेल प्रशासन के मुताबिक आईआईटी से कानपुर सेंट्रल की दूरी 25 मिनट में मेट्रो ट्रेन तय करेगी। इसका किराया 40 रुपये निर्धारित किया गया है। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक आवागमन में करीब 15 मिनट में ट्रेन मिलेगी। आईआईटी से मोतीझील तक चल रहीं सात मेट्रो पूर्ववत मिलती रहेंगी। यूपीएमआरसी के डिप्टी जीएम (पीआर) पंचानन मिश्रा ने बताया कि उद्घाटन होते ही मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक दो ही ट्रेनें चलेंगी, इनमें से एक अप लाइन में और दूसरी डाउन लाइन में। वहीं, ट्रेन उसी ट्रैक से लौटेगी, क्योंकि कानपुर सेंट्रल से ट्रेन को आगे ले जाने या मोड़ने की सुविधा नहीं है।
दुर्घटना की संभावना लगभग न के बराबर
अगस्त-सितंबर तक वहां से ट्रांसपोर्टनगर भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक कार्य पूरा होने पर यह सुविधा भी शुरू होगी। तब ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी, क्योंकि ट्रांसपोर्टनगर में ट्रेनों का ट्रैक बदलने या नौबस्ता तक ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। मोतीझील से कानपुर सेंट्रल के बीच मेट्रो पहले दिन से ही ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड पर चलाई जाएगी। आमतौर पर आरंभ में मेट्रो ट्रेनों को ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) मोड पर चलाया जाता है। पर्याप्त तैयारियों और ट्रायल प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही ट्रेन एटीओ मोड में चलाई जाती है। इस मोड में संचालन से जुड़ी अधिकतर प्रक्रियाएं ऑटोमैटिक होने की वजह से किसी प्रकार की मानवीय चूक से दुर्घटना की संभावना लगभग न के बराबर हो जाती है।
मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-1 के अंतर्गत मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवाओं के विस्तार के लिए सभी आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां और अनुमोदन प्राप्त कर लिए हैं। इसके साथ ही इस सेक्शन पर वाणिज्यिक परिचालन के शुभारंभ का रास्ता साफ हो गया है। इतने कम समय-सीमा में शहर के इस सबसे पुराने व प्रमुख हिस्से में पांच भूमिगत स्टेशनों वाले सात किलोमीटर लंबे सेक्शन का काम पूरा करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। -सुशील कुमार, एमडी, यूपीएमआरसी