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छात्रों का शिवपाल पर फूटा गुस्सा, जमकर की तोड़फोड़
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Sep 2016 03:50 PM IST
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गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में छात्रों के बवाल को रोकने पहुंची पुलिस
- फोटो : कानपुर,अमर उजाला
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कानपुर के गणेश शंकर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों ने फीस बढ़ोतरी को लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को जिम्मेदार ठहराया है। छात्रों ने यह भी कहा कि जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेडिकल शिक्षा का कार्यभार संभाल रहे थे तब कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी।
जबकि शिवपाल के आते ही निजी कॉलेज अपनी मनमानी करने पर अमादा हैं। जब चाहे और जितनी चाहे फीस बढ़ा देते हैं। शिवपाल के हाथों में मेडिकल कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो चुकी है।
हकीकत सभी के सामने है। पहले नीट की काउंसलिंग में सरकारी कॉलेजों में दाखिले को लेकर गड़बड़ और अब निजी कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी। बता दें यूपी सरकार में शिवपाल यादव मेडिकल शिक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।
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छात्रों का कहना है, ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है। दरअसल, जो छात्र सरकारी कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते वे सभी बाद में प्राइवेट कॉलेजों की ओर रुख करते हैं। इसलिए भ्रष्ट तंत्र में बैठे इनके मुलाजिम पहले तो सरकारी कॉलेजों की सीटों को फुल दिखा देते हैं और फिर प्राइवेट कॉलेज के जरिए मोटी कमाई करते हैं। ऐसे में केवल छात्र ठगा हुआ महसूस करता है।
छात्रों का हंगामा यहीं नहीं थमा। उन्होंने कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों से जमकर मारपीट की। छात्रों का गुस्सा सबसे पहले वहा रखे सामान, दरवाजों,खिड़कियों पर फूटा, इसके बाद जब तोड़फोड़ रोकने को सीनियर डॉक्टर आगे आए तो छात्रों ने उनको भी लपेटे में ले लिया।
गौरतलब है कि एमबीबीएस में दाखिला लेने वालों को अब हर साल 11.30 लाख रुपए फीस देनी होगी। वहीं, डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए सालाना 3.25 लाख रुपए देने होंगे।
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जबकि शिवपाल के आते ही निजी कॉलेज अपनी मनमानी करने पर अमादा हैं। जब चाहे और जितनी चाहे फीस बढ़ा देते हैं। शिवपाल के हाथों में मेडिकल कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो चुकी है।
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हकीकत सभी के सामने है। पहले नीट की काउंसलिंग में सरकारी कॉलेजों में दाखिले को लेकर गड़बड़ और अब निजी कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी। बता दें यूपी सरकार में शिवपाल यादव मेडिकल शिक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।
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छात्रों का कहना है, ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है। दरअसल, जो छात्र सरकारी कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते वे सभी बाद में प्राइवेट कॉलेजों की ओर रुख करते हैं। इसलिए भ्रष्ट तंत्र में बैठे इनके मुलाजिम पहले तो सरकारी कॉलेजों की सीटों को फुल दिखा देते हैं और फिर प्राइवेट कॉलेज के जरिए मोटी कमाई करते हैं। ऐसे में केवल छात्र ठगा हुआ महसूस करता है।
छात्रों का हंगामा यहीं नहीं थमा। उन्होंने कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों से जमकर मारपीट की। छात्रों का गुस्सा सबसे पहले वहा रखे सामान, दरवाजों,खिड़कियों पर फूटा, इसके बाद जब तोड़फोड़ रोकने को सीनियर डॉक्टर आगे आए तो छात्रों ने उनको भी लपेटे में ले लिया।
गौरतलब है कि एमबीबीएस में दाखिला लेने वालों को अब हर साल 11.30 लाख रुपए फीस देनी होगी। वहीं, डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए सालाना 3.25 लाख रुपए देने होंगे।