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तहसीलदार से मारपीट के मामले में मायावती ने किया ट्वीट, लिखा- सांसद के खिलाफ सख्त कदम उठाएं सीएम
Thu, 09 Apr 2020 01:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 09 Apr 2020 01:48 PM IST
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बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने किया ट्वीट
- फोटो : अमर उजाला
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बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कन्नौज में तहसीलदार से हुई मारपीट के मामले में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि- उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में अपनी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे एक तहसीलदार के साथ हाल ही में वहां के बीजेपी सांसद ने जो मारपीट व दुर्व्यवहार किया है वह अति शर्मनाक है।
लेकिन दुख की बात यह है कि यह सांसद अभी भी जेल में जाने के बजाय बाहर ही घूम रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इस मामले में जरूर सख्त कदम उठाएं ताकि यह सांसद आगे कभी ऐसी हरकत न कर सके।
यह है पूरा मामला
कन्नौज सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर भाजपाइयों ने मंगलवार दोपहर उनके ही घर में घुसकर पत्नी और आठ साल की बच्ची के सामने हमला कर दिया। दो लेखपालों को भी दौड़ाया। तहसीलदार को काफी चोटें लगी हैं। एक लेखपाल भी घायल है। मौके पर दो बाइकें मिली हैं। एक पर भाजपा के झंडे के रंग का निशान और जिला मीडिया प्रभारी लिखा है।
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तहसीलदार ने तहरीर देकर 20-25 हमलावरों में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक को भी शामिल बताया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सांसद ने आरोपों से इनकार किया है। एडीएम और एसडीएम सदर की मौजूदगी में तहसीलदार का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तहसीलदार ने बताया कि सांसद सुब्रत पाठक की ओर से उन्हें अनाज वितरण की सूची भेजी गई थी। उन्होंने नायब तहसीलदार को सूची देकर जल्द वितरण को कह दिया था।
दोपहर 12:59 बजे सांसद का फोन आया और राशन न पहुंचने की बात कही। अरविंद कुमार ने नायब तहसीलदार को सूची दे देने की बात बताई। आरोप है कि सांसद गाली-गलौज कर तहसीलदार को धमकी देने लगे। बोले, वह कार्यालय पहुंच रहे हैं। तहसीलदार ने बताया कि धमकी से डरकर उन्होंने डीएम, एडीएम और एसडीएम सदर को इसकी जानकारी दी। फिर एसडीएम सदर के कहने पर अपने आवास पर आ गए थे।
करीब सवा दो बजे सांसद 20-25 लोगों के साथ उनके आवास पर पहुंचे और दरवाजा पीटने लगे। पत्नी और बच्ची रोने लगी तो तहसीलदार बाहर आए। तहसीलदार के मुताबिक आवास में ही बने उनके कार्यालय में सांसद उनकी कुर्सी पर बैठे थे। सांसद के राशन न देने की वजह पूछने पर वह सफाई देने लगे तो मोबाइल छीनकर हमला कर दिया। साथ आए लोग भी उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूसे बरसाने लगे। बचाने आए लेखपाल रामबरन और अमित राय को दौड़ा लिया। रामबरन बच गए। अमित राय को पीटकर घायल कर दिया।
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लेकिन दुख की बात यह है कि यह सांसद अभी भी जेल में जाने के बजाय बाहर ही घूम रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इस मामले में जरूर सख्त कदम उठाएं ताकि यह सांसद आगे कभी ऐसी हरकत न कर सके।
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यह है पूरा मामला
कन्नौज सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर भाजपाइयों ने मंगलवार दोपहर उनके ही घर में घुसकर पत्नी और आठ साल की बच्ची के सामने हमला कर दिया। दो लेखपालों को भी दौड़ाया। तहसीलदार को काफी चोटें लगी हैं। एक लेखपाल भी घायल है। मौके पर दो बाइकें मिली हैं। एक पर भाजपा के झंडे के रंग का निशान और जिला मीडिया प्रभारी लिखा है।
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तहसीलदार ने तहरीर देकर 20-25 हमलावरों में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक को भी शामिल बताया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सांसद ने आरोपों से इनकार किया है। एडीएम और एसडीएम सदर की मौजूदगी में तहसीलदार का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तहसीलदार ने बताया कि सांसद सुब्रत पाठक की ओर से उन्हें अनाज वितरण की सूची भेजी गई थी। उन्होंने नायब तहसीलदार को सूची देकर जल्द वितरण को कह दिया था।
दोपहर 12:59 बजे सांसद का फोन आया और राशन न पहुंचने की बात कही। अरविंद कुमार ने नायब तहसीलदार को सूची दे देने की बात बताई। आरोप है कि सांसद गाली-गलौज कर तहसीलदार को धमकी देने लगे। बोले, वह कार्यालय पहुंच रहे हैं। तहसीलदार ने बताया कि धमकी से डरकर उन्होंने डीएम, एडीएम और एसडीएम सदर को इसकी जानकारी दी। फिर एसडीएम सदर के कहने पर अपने आवास पर आ गए थे।
करीब सवा दो बजे सांसद 20-25 लोगों के साथ उनके आवास पर पहुंचे और दरवाजा पीटने लगे। पत्नी और बच्ची रोने लगी तो तहसीलदार बाहर आए। तहसीलदार के मुताबिक आवास में ही बने उनके कार्यालय में सांसद उनकी कुर्सी पर बैठे थे। सांसद के राशन न देने की वजह पूछने पर वह सफाई देने लगे तो मोबाइल छीनकर हमला कर दिया। साथ आए लोग भी उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूसे बरसाने लगे। बचाने आए लेखपाल रामबरन और अमित राय को दौड़ा लिया। रामबरन बच गए। अमित राय को पीटकर घायल कर दिया।