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मंडी सचिव के वायरल वीडियो की जांच एसडीएम को, छह हजार रुपये की रकम रिश्वत में लेने का आरोप
Sun, 14 Jul 2019 10:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 14 Jul 2019 10:54 PM IST
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मंडी सचिव के छह हजार रुपये रिश्वत लेने का एक वीडियो वायरल
- फोटो : Demo pic
फतेहपुर में मंडी सचिव के छह हजार रुपये लेने का एक वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने जांच बैठा दी है। आरोप है रकम रिश्वत के तौर पर ली जा रही है। जांच सदर एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा को दी गई है। वह हफ्तेभर में जांच रिपोर्ट देंगे। रिश्वत का आरोप सही निकला तो कार्रवाई की जाएगी।
मंडी समिति के सचिव अनिल यादव का शनिवार को दो मिनट 45 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमें एक व्यापारी मंडी सचिव के आवास पर शाम को पहुंचता है। वहां छह हजार रुपये देने तक का वीडियो है। वीडियो में मंडी सचिव ने कितना है, यह पूछा। इस पर शख्स ने जवाब दिया कि छह हजार हैं।
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मंडी समिति के सचिव अनिल यादव का शनिवार को दो मिनट 45 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमें एक व्यापारी मंडी सचिव के आवास पर शाम को पहुंचता है। वहां छह हजार रुपये देने तक का वीडियो है। वीडियो में मंडी सचिव ने कितना है, यह पूछा। इस पर शख्स ने जवाब दिया कि छह हजार हैं।
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इस पर मंडी सचिव ने कहा कि इतने में हो जाएगा, लेकिन बाद में वो ले लेगा। इस पर शख्स कहता है कि साहब हम लोग तो आपस के हैं, कुछ कम लिया करो। बड़े-बड़े लोग बहुत हैं, उनसे ले लो। बता दें कि सब्जी मंडी में आढ़ती की दुकान खोलने के लिए मंडी सचिव की ओर से लाइसेंस जारी किया जाता है।
शनिवार की शाम का यह वीडियो लाइसेंस जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने से जोड़ा जा रहा है। हालांकि इस पर डीएम संजीव सिंह ने जांच शुरू करा दी है। मंडी सचिव अनिल यादव का कहना है कि व्यापारी बिना लाइसेंस के आढ़त चला रहा था। इसमें 45 सौ रुपये जुर्माना और 15 सौ रुपये विकास शुल्क लगाया गया। इसकी रसीद उन्हें दी गई है।
वह मेरे आवास पर आए थे और छह हजार रुपये देकर गए हैं। इसमें जितना रुपया है। वह जुर्माना है और सरकारी खाता में जमा होगा। डीएम संजीव सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। एसडीएम सदर को इसकी जांच सौंपी है। वह एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट दे देंगे। यदि रिश्वत की शिकायत सही निकलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार की शाम का यह वीडियो लाइसेंस जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने से जोड़ा जा रहा है। हालांकि इस पर डीएम संजीव सिंह ने जांच शुरू करा दी है। मंडी सचिव अनिल यादव का कहना है कि व्यापारी बिना लाइसेंस के आढ़त चला रहा था। इसमें 45 सौ रुपये जुर्माना और 15 सौ रुपये विकास शुल्क लगाया गया। इसकी रसीद उन्हें दी गई है।
वह मेरे आवास पर आए थे और छह हजार रुपये देकर गए हैं। इसमें जितना रुपया है। वह जुर्माना है और सरकारी खाता में जमा होगा। डीएम संजीव सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। एसडीएम सदर को इसकी जांच सौंपी है। वह एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट दे देंगे। यदि रिश्वत की शिकायत सही निकलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।