{"_id":"60126e578ebc3e568250b843","slug":"mahoba-case-vigilance-is-unable-to-find-the-property-of-the-absconding-ips","type":"story","status":"publish","title_hn":"महोबा: क्रशर कारोबारी की मौत का मामला, फरार आईपीएस की संपत्ति नहीं खोज पा रही विजिलेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोबा: क्रशर कारोबारी की मौत का मामला, फरार आईपीएस की संपत्ति नहीं खोज पा रही विजिलेंस
Thu, 28 Jan 2021 01:30 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 28 Jan 2021 01:30 PM IST
विज्ञापन
इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी फरार आईपीएस मणिलाल पाटीदार की संपत्ति का ब्योरा जुटाना विजिलेंस को मुश्किल हो रहा है। आईपीएस से पूछताछ न होने की वजह से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
हालांकि विजिलेंस ने गवाहों के बयानों के आधार पर आईपीएस के खिलाफ तमाम अहम साक्ष्य जुटा लिए हैं। विजिलेंस ने आयकर विभाग से भी इस संबंध में जानकारी मांगी है। महोबा के कबरई कस्बे में पिछले साल सितंबर में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत की गोली लगने से मौत हो गई थी।
घटना से पहले इंद्रकांत ने वीडियो वायरल कर तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाया था। मणिलाल पर पचास हजार का इनाम है। शासन ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। कानपुर विजिलेंस यूनिट जांच कर रही है।
विज्ञापन
विजिलंस की टीम इंद्रकांत के परिजनों समेत दस से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इसमें आरोपों के संबंध में साक्ष्य मिले हैं। हालांकि विजिलेंस उसकी संपत्ति खोज नहीं पा रही है। विजिलेंस ने अब बैंक और आयकर विभाग से तमाम जानकारियां मांगी हैं।
अगर आईपीएस अब तक जेल चला गया होता तो विजिलेंस उससे पूछताछ करती तो संपत्ति की जानकारी मिल जाती है। दरअसल, इस दौरान विजिलेंस एक फार्म उससे भरवाती, जिसमें उसको अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होता। विजिलेंस आईपीएस की बैनामी संपत्ति की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
हालांकि विजिलेंस ने गवाहों के बयानों के आधार पर आईपीएस के खिलाफ तमाम अहम साक्ष्य जुटा लिए हैं। विजिलेंस ने आयकर विभाग से भी इस संबंध में जानकारी मांगी है। महोबा के कबरई कस्बे में पिछले साल सितंबर में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत की गोली लगने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
घटना से पहले इंद्रकांत ने वीडियो वायरल कर तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाया था। मणिलाल पर पचास हजार का इनाम है। शासन ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। कानपुर विजिलेंस यूनिट जांच कर रही है।
विज्ञापन
विजिलंस की टीम इंद्रकांत के परिजनों समेत दस से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इसमें आरोपों के संबंध में साक्ष्य मिले हैं। हालांकि विजिलेंस उसकी संपत्ति खोज नहीं पा रही है। विजिलेंस ने अब बैंक और आयकर विभाग से तमाम जानकारियां मांगी हैं।
अगर आईपीएस अब तक जेल चला गया होता तो विजिलेंस उससे पूछताछ करती तो संपत्ति की जानकारी मिल जाती है। दरअसल, इस दौरान विजिलेंस एक फार्म उससे भरवाती, जिसमें उसको अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होता। विजिलेंस आईपीएस की बैनामी संपत्ति की तलाश में जुटी है।