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कम पूंजी ‘ज्यादा परिवार’ ने किया बैंक का बंटाधार
अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 11 Jul 2015 01:59 AM IST
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ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के पास लिक्विडिटी (कैश पूंजी) की कमी है और प्रबंधतंत्र में पूरा परिवार शामिल है। इससे गड़बड़ियां बढ़ती जा रही हैं। एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट्स) बढ़कर चार करोड़ हो गया है।
कम पूंजी उपलब्धता और बढ़ती गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) बैंक की वित्तीय सेहत की कहानी खुद बयान करतीं है। यही नहीं वित्तीय अनुशासन का पालन न करने की वजह से बैंक के एडवांस और डिपॉजिट (सीडीआर ) में भी अंतर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अगले छह माह के दौरान बैंक की हालत सुधारना बैंक प्रबंधन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) के निर्देशों की अवहेलना करना ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। आरबीआई ने बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई के अफसर ने बताया कि बैंक प्रबंधतंत्र के बीच हुई बैठक में बढ़ते एनपीए पर अफसरों ने चिंता जाहिर करते हुए इसमें सुधार करने के निर्देश दिए थे।
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इसके लिए दिसंबर 2015 तक का समय भी दिया गया था लेकिन इसी बीच आरबीआई ने बैंक पर सात जुलाई को प्रतिबंध लगा दिया। आरबीआई के सूत्रों के अनुसार ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के कैश रेशियो और एडवांसेस में अधिक अंतर हो गया है। इस पर आरबीआई सख्त है।
तीन जून को बैंक प्रबंधतंत्र के साथ हुई बैठक में बैंक की नेट वर्थ निगेटिव होने पर चिंता जाहिर की गई थी। इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। बैंक का एनपीए भी 10 फीसदी से कम करने के लिए कहा था लेकिन बैंक प्रबंधतंत्र ने इस दिशा में काम शुरू नहीं किया।
सूत्रों ने बताया कि बैंक प्रबंधतंत्र में भी पूरा परिवार शामिल है। बैंक संचालक मंडल से लेकर बैंक की तमाम शाखाओं में परिवार से जुड़े लोग काम कर रहे हैं, जो कई संदेह पैदा करता है। इस बारे में प्रबंधतंत्र का कहना है कि आरबीआई के निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया गया था। इसके बाद भी बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
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कम पूंजी उपलब्धता और बढ़ती गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) बैंक की वित्तीय सेहत की कहानी खुद बयान करतीं है। यही नहीं वित्तीय अनुशासन का पालन न करने की वजह से बैंक के एडवांस और डिपॉजिट (सीडीआर ) में भी अंतर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अगले छह माह के दौरान बैंक की हालत सुधारना बैंक प्रबंधन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) के निर्देशों की अवहेलना करना ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। आरबीआई ने बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई के अफसर ने बताया कि बैंक प्रबंधतंत्र के बीच हुई बैठक में बढ़ते एनपीए पर अफसरों ने चिंता जाहिर करते हुए इसमें सुधार करने के निर्देश दिए थे।
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इसके लिए दिसंबर 2015 तक का समय भी दिया गया था लेकिन इसी बीच आरबीआई ने बैंक पर सात जुलाई को प्रतिबंध लगा दिया। आरबीआई के सूत्रों के अनुसार ब्रह्मावर्त कॉमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक के कैश रेशियो और एडवांसेस में अधिक अंतर हो गया है। इस पर आरबीआई सख्त है।
तीन जून को बैंक प्रबंधतंत्र के साथ हुई बैठक में बैंक की नेट वर्थ निगेटिव होने पर चिंता जाहिर की गई थी। इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। बैंक का एनपीए भी 10 फीसदी से कम करने के लिए कहा था लेकिन बैंक प्रबंधतंत्र ने इस दिशा में काम शुरू नहीं किया।
सूत्रों ने बताया कि बैंक प्रबंधतंत्र में भी पूरा परिवार शामिल है। बैंक संचालक मंडल से लेकर बैंक की तमाम शाखाओं में परिवार से जुड़े लोग काम कर रहे हैं, जो कई संदेह पैदा करता है। इस बारे में प्रबंधतंत्र का कहना है कि आरबीआई के निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया गया था। इसके बाद भी बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया गया।