{"_id":"6628f8a390c36628060f1e48","slug":"lok-sabha-election-kannauj-moved-forward-and-searched-the-mind-2024-04-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इत्रनगरी की सियासत: तेज को आगे करके मन को टटोला, अब बदलाव की सुगबुगाहट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इत्रनगरी की सियासत: तेज को आगे करके मन को टटोला, अब बदलाव की सुगबुगाहट
Wed, 24 Apr 2024 05:49 PM IST
शिखा पांडेय
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 24 Apr 2024 05:49 PM IST
सार
Kannauj News: तमाम सियासी अटकलों को खत्म करते हुए सपा ने तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बनाया है। कन्नौज में नामांकन के आखिरी दिन तक टिकट में बदलाव के आसार बन रहे हैं।
विज्ञापन
अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा का सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कई दिनों से अखिलेश यादव के यहां से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच सपा ने उनके भतीजे तेज प्रताप यादव के नाम का एलान कर दिया। हालांकि 24 घंटे बाद भी यह तय नहीं हो सका वो नामांकन करेंगे भी या नहीं। अंदरखाने चर्चा है कि आखिरी दिन 25 अप्रैल को खुद अखिलेश यादव ही नामांकन करेंगे। हालांकि आधिकारिक रूप से कोई भी इस पर बोलने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
कन्नौज संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी ने तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बना तो दिया है, लेकिन नामांकन को लेकर तस्वीर अभी धुंधली है। कार्यकर्ताओं के बीच यही संदेश है कि खुद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ही यहां से चुनाव लड़ेंगे। मंगलवार को इन अटकलों को तब बल मिला, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने नामांकन पत्र लिया। इसमें से चार लोगों ने सात नामांकन पत्र लिए गए हैं इसमें से यह स्पष्ट नहीं है कि यह पर्चा किस उम्मीदवार के लिए हैं। पूर्व विधायक स्व. अनिल दोहरे के पुत्र यश दोहरे, पार्टी नेता बउअन तिवारी, शकील अहमद ने पार्टी के लिए भी पर्चा लिया गया है।
विज्ञापन
खुशबू के शहर में होगी अग्नि परीक्षा: इत्रनगरी में तेज प्रताप यादव संभालेंगे सपा का मोर्चा
विज्ञापन
यह भी चर्चा है कि चुनाव लड़ने के लिए जमानत के तौर पर जमा होने वाली 25 हजार रुपये की रकम का चालान अखिलेश यादव के नाम से जमा करवाया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी से जुड़े लोगों का बताना है कि चूंकि पिछले विधान सभा चुनाव के बाद से ही यहां इसी बात का प्रचार-प्रसार किया जाता रहा है कि चुनाव अखिलेश यादव ही लड़ेंगे। खुद इस महीने में अपने दो बार के दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने भी इसी तरह का इशारा दिया था। ऐसे में अचानक से तेज प्रताप यादव के नाम के ऐलान से कार्यकर्ताओं का उत्साह काफूर हो गया। किसी ने खुलकर विरोध तो नहीं किया, लेकिन जिले भर से जो रिपोर्ट राजधानी पहुंची है, उसका लब्बोलुआब यही है कि लोग अखिलेश यादव की ही उम्मीदवारी चाहते हैं। अचानक से तेज प्रताप यादव के नाम के साथ वोटर के बीच पहुंच बनाने में मुश्किल होगी। अखिलेश यादव के नाम पर आम मतदाता भी वोट देने को तैयार होगा। इन सभी पहलुओं से जुड़ी रिपोर्ट के बाद बदलाव की सुगबुगाहट है। जिलाध्यक्ष कलीम खान ने बताया कि हम लोग हर स्थिति के लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष तक कार्यकर्ताओं के मन की बात पहुंचा दी गई है। फैसला उनको ही करना है।
तेज प्रताप को पीछे करने पर कोई विरोध भी नहीं
सपा से जुड़े जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव के नाम को आगे कर कार्यकर्ताओं के मन को टटोला गया है। साथ ही आम लोगों के बीच की प्रतिक्रिया को भी जुटाया गया है। इन सभी रिपोर्ट में तेज प्रताप यादव के मुकाबले अखिलेश यादव को तरजीह दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप यादव के नाम को वापस लिया जाता है तो किसी स्तर के विरोध या गुटबाजी की भी संभावना न के बराबर है।
सपा से जुड़े जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव के नाम को आगे कर कार्यकर्ताओं के मन को टटोला गया है। साथ ही आम लोगों के बीच की प्रतिक्रिया को भी जुटाया गया है। इन सभी रिपोर्ट में तेज प्रताप यादव के मुकाबले अखिलेश यादव को तरजीह दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप यादव के नाम को वापस लिया जाता है तो किसी स्तर के विरोध या गुटबाजी की भी संभावना न के बराबर है।
कार्यकर्ताओं ने राजधानी में डाला डेरा
तेज प्रताप यादव के नाम का ऐलान होने के बाद क्षेत्र भर से जो प्रतिक्रिया आई है, उसे लेकर कई कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए हैं। उनमें से कुछ की मुलाकात भी पार्टी प्रमुख से हुई है। उन्हें आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन खुलकर कुछ कहा नहीं गया है।
तेज प्रताप यादव के नाम का ऐलान होने के बाद क्षेत्र भर से जो प्रतिक्रिया आई है, उसे लेकर कई कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए हैं। उनमें से कुछ की मुलाकात भी पार्टी प्रमुख से हुई है। उन्हें आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन खुलकर कुछ कहा नहीं गया है।
वायरल होता रहा लेटर, होता रहा खंडन
कन्नौज से प्रत्याशी बदलने को लेकर मंगलवार को एक पर्चा भी वायरल होता रहा, जिसमें अखिलेश यादव को कन्नौज से उम्मीदवार बताया गया। इसे लेकर काफी चर्चा होती रही। हालांकि पार्टी से जुड़े लोग इस पर्चा को गलत बताते हुए खंडन करते रहे।
कन्नौज से प्रत्याशी बदलने को लेकर मंगलवार को एक पर्चा भी वायरल होता रहा, जिसमें अखिलेश यादव को कन्नौज से उम्मीदवार बताया गया। इसे लेकर काफी चर्चा होती रही। हालांकि पार्टी से जुड़े लोग इस पर्चा को गलत बताते हुए खंडन करते रहे।