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lok sabha election 2024: खुद को ही वोट नहीं दे पाएंगे मिश्रिख और हरदोई के बसपा प्रत्याशी
Thu, 25 Apr 2024 10:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 25 Apr 2024 10:01 PM IST
सार
lok sabha election 2024: हरदोई के प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर इटावा के वोटर हैं। वहीं मिश्रिख के प्रत्याशी बीआर अहिरवार का वोट बिठूर विधानसभा क्षेत्र में है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरदोई और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से इस बार बहुजन समाज पार्टी ने बाहरी प्रत्याशियों पर दांव लगाया है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव में बसपा के दोनों प्रत्याशी जनता से तो खुद को समर्थन देने की अपील करेंगे, लेकिन दोनों ही प्रत्याशी खुद को वोट नहीं दे पाएंगे।
हरदोई लोकसभा क्षेत्र से बसपा ने लखनऊ और फैजाबाद मंडल के प्रभारी भीमराव आंबेडकर को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक भीमराव आंबेडकर इटावा जनपद के मतदाता हैं और वहीं की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है। मतलब यह कि वह यहां चुनावी घमासान तो करेंगे, लेकिन खुद को वोट नहीं दे पाएंगे।
कुछ इसी तरह मिश्रिख से बसपा प्रत्याशी सेवानिवृत्त डीएफओ बीआर अहिरवार भी अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे, लेकिन खुद को वोट नहीं दे पाएंगे। नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक बीआर अहिरवार बिठूर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की तलाश बसपा तेजी से कर रही थी। बाद में पार्टी ने निर्णय लिया कि कैडर के लोगों को ही चुनाव मैदान में उतारा जाएगा और यही वजह रही कि पार्टी को यहां से बाहरी प्रत्याशी उतारने पड़े।
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हरदोई लोकसभा क्षेत्र से बसपा ने लखनऊ और फैजाबाद मंडल के प्रभारी भीमराव आंबेडकर को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक भीमराव आंबेडकर इटावा जनपद के मतदाता हैं और वहीं की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है। मतलब यह कि वह यहां चुनावी घमासान तो करेंगे, लेकिन खुद को वोट नहीं दे पाएंगे।
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कुछ इसी तरह मिश्रिख से बसपा प्रत्याशी सेवानिवृत्त डीएफओ बीआर अहिरवार भी अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे, लेकिन खुद को वोट नहीं दे पाएंगे। नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक बीआर अहिरवार बिठूर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की तलाश बसपा तेजी से कर रही थी। बाद में पार्टी ने निर्णय लिया कि कैडर के लोगों को ही चुनाव मैदान में उतारा जाएगा और यही वजह रही कि पार्टी को यहां से बाहरी प्रत्याशी उतारने पड़े।
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