Hamirpur double murder: 28 वर्ष पूर्व हुए हत्याकांड में 17 को आजीवन कारावास, 30-30 हजार का अर्थदंड भी लगाया
कुरारा थानाक्षेत्र में 28 साल पहले हुएदोहरे हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को 17 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, सभी दोषियों पर 30-30 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि इस हत्याकांड में 25 नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
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हमीरपुर अपर जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी मो. असलम सिद्दीकी की अदालत ने 28 साल पूर्व दो अनुसूचित जाति के लोगों की गोली मारकर हत्या व डकैती करने के मामले में 17 लोगों को दोषी करार दिया। इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्तों में प्रत्येक को 30-30 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
कुरारा थानाक्षेत्र के चकोठी गांव निवासी पीड़ित रमेशचंद्र ने को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 16 मार्च 1994 को सुबह करीब सात बजे वह घर की ओर जा रहा था। तभी आरोपी जल्ला निवासी पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह व उनके पिता रामऔतार, वीर सिंह, राजेंद्र बाबू, दद्दू, लाला, विजय सिंह पहुंचे।
उनके पुत्र जाहर, पुतान, जाहर तथा राजेंद्र सिंह उनके भाई भीकम, छोटा, ओंमकार, पारिवारिक अर्जुन सिंह उनके भाई भारत, महराज और इंद्रपाल सिंह, सूरज सिंह व उसके पुत्र लाला उर्फ बृजमोहन, पप्पू उर्फ रंजीत, रिश्तेदार संतोष सिंह निवासी झलोखर, शिवबदन सिंह निवासी पारा, कामता सिंह उसका भाई छुटकई और कुछ अज्ञात लोगों ने उसके दरवाजे पर चढ़कर भाई जसवंत को गाली गलौज कर गोलियों से छलनी कर हत्या कर दिया।
घर में घुसकर चार हजार रुपये लूट ले गए। बताया भाई की हत्या कर सभी आरोपियों ने गांव निवासी मोतीलाल वर्मा के घर धावा बोला। इस पर वह घर से भागा तो पीछा कर रिठारी गांव में फूला के घर के बाहर उसकी हत्या कर दी। विशेेष लोक अभियोजक विजय सिंह ने बताया कि 28 साल पुराने इस मामले में 25 नामजद व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिसमें 25 लोगों का आरोप पत्र अदालत में पुलिस ने पेश किया। बताया कि इस मामले में सीबीसीआईडी जांच भी हुई थी।
अदालत ने इन्हें सुनाई सजा
अदालत ने अभियुक्तों भूरा सिंह, विजय सिंह, पप्पू सिंह, वीर सिंह, जाहर सिंह, भारत सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, महराज सिंह, ओंकार सिंह, अर्जुन सिंह, शिवबदन सिंह, इंद्रपाल सिंह, बृजकिशोर (दद्दू), कामता, भीखम एवं छुटकाई को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के अपराध में आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी।