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Kanpur: वैध कमाई 1.37 करोड़, खर्च कर डाले 1.77 करोड़, अवर अभियंता पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट

Mon, 27 Jul 2026 10:36 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 27 Jul 2026 10:36 PM IST
सार

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर अवर अभियंता पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायतें मिलने पर तीन साल पूर्व जांच शुरू की गई थी। 

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Legitimate earnings of 1.37 crore but expenditure of 1.77 crore; corruption report against Junior Engineer
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के अवर अभियंता (सिविल) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में सामने आया कि आरोपी अवर अभियंता ने अपनी ज्ञात वैध आय की तुलना में 39.48 लाख अधिक खर्च और संपत्ति अर्जित की जो उनकी आय से 28.65 प्रतिशत अधिक है।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ के निरीक्षक और जांचकर्ता जटाशंकर सिंह के अनुसार निर्धारित जांच अवधि में मूलरूप से औरैया के बिधूना के ग्राम लहटोरिया निवासी (हाल पता काकादेव के शिवनगर नवीननगर) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव की वैध आय 1,37,80,469 रुपये रही जबकि इसी दौरान उन्होंने संपत्तियों के अधिग्रहण, पारिवारिक भरण-पोषण और अन्य मदों पर 1,77,28,720 रुपये खर्च किए। इस तरह उनके व्यय और अर्जित परिसंपत्तियां वैध आय से 39.48 लाख अधिक पाई गईं।
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जांच के दौरान आरोपी से अतिरिक्त संपत्ति और खर्च का स्रोत पूछे जाने पर वह कोई संतोषजनक दस्तावेज या जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक जटा शंकर सिंह की तहरीर पर थाना एंटी करप्शन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
 

जांचकर्ता ने बताया कि मामला करीब पांच साल पुराना है। उस वक्त जितेंद्र श्रीवास्तव पुलिस आवास निगम में तैनात थे। उनके खिलाफ लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर करीब तीन साल पूर्व जांच शुरू की गई थी। इसमें वह आरोपी पाए गए। जांचकर्ता के अनुसार वर्तमान में आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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