वकील का सवाल- कितने नेताआें के बच्चे पकौड़े बेंचने का काम कर रहे हैं?
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यूपी के फर्रुखाबाद में अखिल भारतीय युवा जन सेवा संगठन के बैनर तले युवाओं ने सड़क किनारे पकौड़े बेंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध किया। युवाओं ने कहा कि सरकार ने युवाओं से फर्जी वायदे कर उनके साथ छलावा किया है।
गुरुवार को भोलेपुर स्थित रेलवे तिराहे पर प्रदेश अध्यक्ष मोहित गुप्ता की अगुवाई में शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने पकौड़े बनाने का स्टाल लगाया। युवाओं ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर जो डिग्री उन्होंने पाई हैं, उनका पकौड़े बेंचने से कोई संबंध नहीं है। अधिवक्ता जेडी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले इस बात का जबाब दें कि कितने नेताआें के बच्चे पकौड़े बेंचने का काम कर रहे हैं, और कितने नेताओं के पुत्र पुत्रियों के शादी विवाह पकौड़े बेंचने वालों के यहां हुआ है। पकौड़ा तलने की ट्रेनिंग के लिए युवाआें से रजिस्ट्रेशन फार्म भरवाए गए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के समय कहा था कि सरकार बनने के बाद वह बेरोजगार युवकों को रोजगार मुहैया करवाएंगें। प्रदेश प्रवक्ता पंकज प्रकाश ने कहा कि भाजपा की केंद्र में सरकार बने हुए चार साल हो गए हैं। लेकिन युवाओं को कोई रोजगार नहीं मिला है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवकों से पकौड़ा बेंचने की बात कहकर शिक्षित बेरोजगारों का अपमान किया है। कहा कि हमारे मां- बाप ने दिन रात मेहनत कर कमाए गए रुपयों को खर्च कर उनको पढ़ाया लिखाया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि ईमानदारी से किया गया काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। लेकिन अगर शिक्षित युवा पकौड़ा बेंचने लगेगें तो देश में नौकरशाही खतरे में पड़ जाएगी।