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स्कूलों में भूले कोविड प्रोटोकॉल
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कानपुर देहात। आठ माह बाद उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षाओं का संचालन शुरू कराया गया है लेकिन शिक्षकों के सामने बच्चों से सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराना चुनौती बना है। खेलने से लेकर खाना खाने के बाद हैंडपंप पर हाथ धोने के दौरान बच्चे भीड़ लगाकर खड़े हो जाते हैं।
ऐसे में शिक्षक उन्हें दूर-दूर करने के लिए परेशान रहते हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हो रही है। वह कक्षाओं में एक बेंच में तीन-तीन बच्चों को बैठाकर कर शिक्षण कार्य किया जा रहा है।
स्कूल खुलने से पहले ही बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से कराया जाए। खास तौर पर खाना खाने के बाद हैंडपंप पर हाथ धोने में बच्चों की भीड़ एकत्र न होने दी जाए। वहीं कक्षाओं में क्षमता से 50 फीसदी बच्चे बैठाने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी स्कूलों में लापरवाही उजागर हो रही है।
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बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय भटैलिनपुरवा में बच्चे खेलने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में रहे। हेड मास्टर रितिका ने बताया कि बच्चे मानते ही नहीं हैं। वह कोविड प्रोटोकॉल भूल जाते हैं। बताया कि 46 बच्चे पंजीकृत हैं, इसमें 24 को बुलाया गया है। बाकी को दूसरे दिन बुलाया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलहा में पंजीकृत 151 के सापेक्ष 56 बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई। एक ही बेंच पर तीन-तीन बच्चों को बैठा कर पढ़ाया जा रहा था। हालांकि बच्चे मास्क लगाए थे। शिक्षकों ने कहा कि बच्चों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना बड़ी चुनौती है। निभू में 104 पंजीयन के सापेक्ष 18 बच्चे विद्यालय पहुंचे थे।
रोस्टर के अनुसार बच्चे बुलाने हैं। कोई ऐसी गतिविधि नहीं करानी है जिससे कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो। साथ ही बच्चों को कक्षाओं में दूर-दूर बैठाने के लिए कहा गया है। अगर इसमें लापरवाही हुई तो कार्रवाई की जाएगी। - सुनील दत्त, बीएसए
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ऐसे में शिक्षक उन्हें दूर-दूर करने के लिए परेशान रहते हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हो रही है। वह कक्षाओं में एक बेंच में तीन-तीन बच्चों को बैठाकर कर शिक्षण कार्य किया जा रहा है।
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स्कूल खुलने से पहले ही बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से कराया जाए। खास तौर पर खाना खाने के बाद हैंडपंप पर हाथ धोने में बच्चों की भीड़ एकत्र न होने दी जाए। वहीं कक्षाओं में क्षमता से 50 फीसदी बच्चे बैठाने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी स्कूलों में लापरवाही उजागर हो रही है।
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बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय भटैलिनपुरवा में बच्चे खेलने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में रहे। हेड मास्टर रितिका ने बताया कि बच्चे मानते ही नहीं हैं। वह कोविड प्रोटोकॉल भूल जाते हैं। बताया कि 46 बच्चे पंजीकृत हैं, इसमें 24 को बुलाया गया है। बाकी को दूसरे दिन बुलाया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलहा में पंजीकृत 151 के सापेक्ष 56 बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई। एक ही बेंच पर तीन-तीन बच्चों को बैठा कर पढ़ाया जा रहा था। हालांकि बच्चे मास्क लगाए थे। शिक्षकों ने कहा कि बच्चों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना बड़ी चुनौती है। निभू में 104 पंजीयन के सापेक्ष 18 बच्चे विद्यालय पहुंचे थे।
रोस्टर के अनुसार बच्चे बुलाने हैं। कोई ऐसी गतिविधि नहीं करानी है जिससे कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो। साथ ही बच्चों को कक्षाओं में दूर-दूर बैठाने के लिए कहा गया है। अगर इसमें लापरवाही हुई तो कार्रवाई की जाएगी। - सुनील दत्त, बीएसए