Doctors Strike: हैलट से इंतजार कर लौटे 150 KM दूर से आए मरीज, इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए
Kanpur News: कोलकाता की घटना के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। हैलट अस्पताल से रोगियों को लौटा दिया गया। इमरजेंसी से भी रोगी टरकाए गए। वहीं, कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए।
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कानपुर में कोलकाता की घटना को लेकर शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल का कष्ट रोगियों को भुगतना पड़ा। हैलट ओपीडी के गेट पर ताला देखकर 150-200 किमी दूर से आए रोगियों का चेहरा उतर गया। परिजन रोगियों को लिए परिसर में भटकते रहे और मायूस होकर लौट गए। हैलट इमरजेंसी से भी रोगियों को टरका दिया गया। जो रुके उन्हें घंटों किसी ने नहीं देखा। वहीं कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए, बाकी रोगियों को बाद में आने को कहा गया।
बांदा के मवाई बुजुर्ग की रहने वाली शिवप्यारी (46) के सांस तंत्र में संक्रमण है। शनिवार को वह हैलट ओपीडी के सामने पेड़ के नीचे परेशान बैठी रहीं। उनकी छाती में संक्रमण है। सांस में तकलीफ है। बेटे संदीप ने बताया कि घर से सुबह सात बजे निकले थे, ऑटो, बस से यहां आए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले हैं। तीन-चार घंटे इंतजार के बाद दोनों घर लौट गए। इसी तरह गुरसहायगंज, कन्नौज के चंद्रशेखर अपनी पत्नी सोनी (35) को लेकर आए। उसे स्तन कैंसर है। वे घंटों डॉक्टर को ढूंढते रहे।
नानकारी से आए केवी वर्मा (66) के पैर में बहुत तकलीफ थी। कहने लगे दो-तीन घंटे से परेशान हैं। डॉक्टर नहीं मिले। इसी तरह छोटे बच्चे को गोद में लिए श्यामनगर की गंगा देवी (47) और दीक्षा (28) ओपीडी के बाहर खड़ी रहीं। अतर्रा, बांदा की रहने वाली राजकुमारी अपने नाती कृष्णा (7) को दिखाने के लिए दो दिन से परेशान हैं। बच्चे के बुखार है और पेट में तेज दर्द होता है। जांचें शुक्रवार को करा लीं, शनिवार को डॉक्टर न मिलने से इलाज शुरू नहीं हो पाया।
इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा, सभी कहते रहे हड़ताल है
औरैया के रामपुर रामसहाय गांव के रहने वाले कुलदीप की नानी गंगादेवी (70) की हालत गंभीर थी। उनके कुछ दिन पहले ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई और धड़कन बढ़ गई। दोपहर को वे एंबुलेंस से हैलट इमरजेंसी पहुंचे तो वहां से टरका दिया गया। इसके बाद कार्डियोलॉजी दिखाने के लिए आए। कुलदीप ने बताया कि इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा। सभी कहते रहे कि हड़ताल है। उदयीपुरवा, कन्नौज के रहने वाले प्रेमचंद्र ने बताया कि उनके भाई दुलारे (54) के हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ है, अभी घाव नहीं भरा और डॉक्टर डिस्चार्ज कर रहे। रोगी को तकलीफ में लेकर कहां जाएं।
कार्डियोलॉजी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी भर्ती किए
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में भी शनिवार को ओपीडी बंद रही और सिर्फ हार्ट अटैक के रोगियों को ही भर्ती किया गया। दूसरे हृदय रोगियों को टरका दिया गया। बाहर से आए रोगी परिसर में भटकते रहे। प्रयागराज से आए हृदय रोगी महेश (56) ने बताया कि आज उन्हें बुलाया गया था। डॉक्टरों ने देखा ही नहीं। घाटमपुर के रहने वाले दीपक कश्यप शुक्रवार शाम आए थे। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ इमरजेंसी के बगल में लेटे हैं। शनिवार को दोपहर तक चार रोगी मृतावस्था में कार्डियोलॉजी लाए गए।