फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kolkata Case, Doctors Strike, Patients who came from 150 KM away returned after waiting at the halt

Doctors Strike: हैलट से इंतजार कर लौटे 150 KM दूर से आए मरीज, इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए

Sun, 18 Aug 2024 01:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 18 Aug 2024 01:26 PM IST
सार

Kanpur News: कोलकाता की घटना के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। हैलट अस्पताल से रोगियों को लौटा दिया गया। इमरजेंसी से भी रोगी टरकाए गए। वहीं, कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए।

विज्ञापन
Kolkata Case, Doctors Strike, Patients who came from 150 KM away returned after waiting at the halt
Doctors Strike - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में कोलकाता की घटना को लेकर शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल का कष्ट रोगियों को भुगतना पड़ा। हैलट ओपीडी के गेट पर ताला देखकर 150-200 किमी दूर से आए रोगियों का चेहरा उतर गया। परिजन रोगियों को लिए परिसर में भटकते रहे और मायूस होकर लौट गए। हैलट इमरजेंसी से भी रोगियों को टरका दिया गया। जो रुके उन्हें घंटों किसी ने नहीं देखा। वहीं कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी देखे गए, बाकी रोगियों को बाद में आने को कहा गया।

विज्ञापन

बांदा के मवाई बुजुर्ग की रहने वाली शिवप्यारी (46) के सांस तंत्र में संक्रमण है। शनिवार को वह हैलट ओपीडी के सामने पेड़ के नीचे परेशान बैठी रहीं। उनकी छाती में संक्रमण है। सांस में तकलीफ है। बेटे संदीप ने बताया कि घर से सुबह सात बजे निकले थे, ऑटो, बस से यहां आए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले हैं। तीन-चार घंटे इंतजार के बाद दोनों घर लौट गए। इसी तरह गुरसहायगंज, कन्नौज के चंद्रशेखर अपनी पत्नी सोनी (35) को लेकर आए। उसे स्तन कैंसर है। वे घंटों डॉक्टर को ढूंढते रहे।
विज्ञापन

नानकारी से आए केवी वर्मा (66) के पैर में बहुत तकलीफ थी। कहने लगे दो-तीन घंटे से परेशान हैं। डॉक्टर नहीं मिले। इसी तरह छोटे बच्चे को गोद में लिए श्यामनगर की गंगा देवी (47) और दीक्षा (28) ओपीडी के बाहर खड़ी रहीं। अतर्रा, बांदा की रहने वाली राजकुमारी अपने नाती कृष्णा (7) को दिखाने के लिए दो दिन से परेशान हैं। बच्चे के बुखार है और पेट में तेज दर्द होता है। जांचें शुक्रवार को करा लीं, शनिवार को डॉक्टर न मिलने से इलाज शुरू नहीं हो पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा, सभी कहते रहे हड़ताल है
औरैया के रामपुर रामसहाय गांव के रहने वाले कुलदीप की नानी गंगादेवी (70) की हालत गंभीर थी। उनके कुछ दिन पहले ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई और धड़कन बढ़ गई। दोपहर को वे एंबुलेंस से हैलट इमरजेंसी पहुंचे तो वहां से टरका दिया गया। इसके बाद कार्डियोलॉजी दिखाने के लिए आए। कुलदीप ने बताया कि इमरजेंसी में कोई देख ही नहीं रहा। सभी कहते रहे कि हड़ताल है। उदयीपुरवा, कन्नौज के रहने वाले प्रेमचंद्र ने बताया कि उनके भाई दुलारे (54) के हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ है, अभी घाव नहीं भरा और डॉक्टर डिस्चार्ज कर रहे। रोगी को तकलीफ में लेकर कहां जाएं।

कार्डियोलॉजी में सिर्फ हार्ट अटैक के रोगी भर्ती किए
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में भी शनिवार को ओपीडी बंद रही और सिर्फ हार्ट अटैक के रोगियों को ही भर्ती किया गया। दूसरे हृदय रोगियों को टरका दिया गया। बाहर से आए रोगी परिसर में भटकते रहे। प्रयागराज से आए हृदय रोगी महेश (56) ने बताया कि आज उन्हें बुलाया गया था। डॉक्टरों ने देखा ही नहीं। घाटमपुर के रहने वाले दीपक कश्यप शुक्रवार शाम आए थे। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ इमरजेंसी के बगल में लेटे हैं। शनिवार को दोपहर तक चार रोगी मृतावस्था में कार्डियोलॉजी लाए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed