'सरकार' जरा इन किसानों की बात सुन लीजिए, पासबुक तक सीमित रह गई सम्मान निधि, 'खाते में खेल'
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किसानों का चयन कर सूची ऑनलाइन फीड की गई और भारत सरकार से सीधे फाइनेंशियल मैनेजटमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से किसानों के खातों में दो-दो हजार की धनराशि भेजी गई। जिले से इस योजना के तहत आचार संहिता लगने से पहले एक लाख 45 हजार किसानों का डाटा फीड हुआ था।
जिसमें से 81 हजार किसानों के खातों में फरवरी और अप्रैल माह में दो-दो हजार रुपये भेजे गए थे। इनमें से बहुत से किसान ऐसे हैं जिनके खातों में धनराशि आई, लेकिन वापस हो गई। किसानों ने इस पैसे की एंट्री भी अपनी पासबुक में करा रखी है।
यूपी के औरैया जिले में किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि किसानों के खाते आई और वापस भी हो गई। इस मामले की उप कृषि निदेशक के पास 12 शिकायतें आ चुकी हैं। बैंक और कृषि विभाग के अधिकारी भी हतप्रभ है कि ऐेसा कैसे हुआ?
रुपये वापस होने की शिकायतें मिल रही हैं
कुदकपुर खानपुर फफूंद की किसान शांती देवी ने बताया कि उनका सेंट्रल बैंक भाग्यनगर में खाता है। उनके खाते में दो हजार रुपये 23 फरवरी को आए और 24 फरवरी को खाते से रुपये वापस चले गए। जब उन्होंने बैंक शाखा से जानकारी की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
शाखा प्रबंधक शोभित मिश्रा ने बताया कि कुदकपुर खानपुर फफूंद की किसान शांती देवी का खाता उनकी शाखा में है। 24 फरवरी को 2000 हजार रुपये आया था। 25 को वापस हो गया। रुपये क्यों वापस हुए, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
रुपया वापस कैसे हो गया इसकी जानकारीनहीं
इस संबंध में शाखा प्रबंधक अवधवाल शरद ने बताया कि ग्राम उमरी के किसान राजेंद्र प्रसाद का खाता उनकी शाखा में है। 24 फरवरी को पीएमएफएस से 24 फरवरी को दो हजार रुपये आए थे, जो 25 फरवरी को वापस हो गए। उनके अलावा कई ऐसे किसान है। जिनका रुपया खाता में आया और वापस हो गया। रुपया वापस कैसे हो गया, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
राशि सीधे दिल्ली से किसानों के खातों में भेजी गई थी
किसानों के खाते में रुपया सीधे केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया है। खातों में तकनीकी त्रुटि के कारण रुपया वापस हुआ है। जो भी ऐसे प्रकरण हैं 23 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद इनका प्राथमिकता से निस्तारण कराया जाएगा। - अभिषेक सिंह मीणा, डीएम
धनराशि वापस होने का मामला उनके संज्ञान में है। ऐसा क्यों हुआ? इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। राशि सीधे दिल्ली से किसानों के खातों में भेजी गई थी। जिला स्तर पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि यहां देखकर कुछ बताया जा सके। - विजय कुमार, उप कृषि निदेशक
किसानों के खातों से रुपये वापस हुए हैं। किसान लगातार इस तरह की शिकायत कर रहे हैं। अगली बार होने वाले किसान दिवस में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।- संत कुमार तिवारी , मंडल अध्यक्ष भाकियू कानपुर मंडल