फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   KDA, UPSIDC, Housing Development has grabbed the pond in kanpur

केडीए, यूपीएसआईडीसी, आवास विकास ने हड़पे तालाब, सर्वे में हुआ खुलासा, 312 में से 134 पर कब्जे

Thu, 27 Jun 2019 11:41 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 27 Jun 2019 11:41 AM IST
विज्ञापन
KDA, UPSIDC, Housing Development has grabbed the pond in kanpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
जलसंकट, तालाब खुदवाने, बचाने के शोर के बीच कानपुर में सरकारी विभागों की एक शर्मनाक करतूत सामने आई है। शहर में 66 तालाबों की जमीन केडीए, यूपीएसआईडीसी, आवास विकास परिषद ने कब्जा कर यहां कालोनियां विकसित कर दी हैं। अब केडीए ही तालाबों का सर्वे करवा रहा है ताकि वर्षा जल संचयन किया जा सके।
विज्ञापन


सवाल यह है कि जब 66 तालाबों की जमीन पर बड़ी-बड़ी कालोनियां- मकान खड़े हैं तो इनको कौन हटा सकता है।  केडीए सचिव एसपी सिंह ने तालाबों की सूची महापौर को भिजवा दी है। कुओं का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। सर्वे में अतिक्रमण से खाली मिले तालाबों की साफ-सफाई केडीए कराएगा।
विज्ञापन

महापौर प्रमिला पांडेय ने 10 जून 2019 को समीक्षा बैठक में केडीए अधिकारियों को वर्षा जल संचयन के लिए शहरी क्षेत्र में स्थित पुराने तालाबों और कुओं की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए थे। महापौर के प्रस्ताव पर जिला योजना समिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी शहरी क्षेत्र के तालाबों के रखरखाव की जिम्मेदारी केडीए को सौंपने पर सहमति जताई थी। इसके बाद केडीए ने तालाबों का सर्वे कराया।

केडीए की पुरानी सीमा के 86 गांवों में स्थित 312 तालाबों की सूची प्राधिकरण अधिकारियों ने तैयार की है। 134 तालाबों पर बसावट (कब्जे) पाई गई है। 68 तालाबों की जमीन पर पक्के मकान खड़े हैं। 50 तालाबों पर आंशिक रूप से कब्जे हैं। खास बात तो यह है कि 66 तालाबों की जमीन प्राधिकरण, यूपीएसआईडीसी, आवास विकास परिषद की योजनाओं में इस्तेमाल कर ली गई है। 122 तालाबों की जमीन पूरी तरह से खाली मिली है।

नौबस्ता-देहली सुजानपुर में सबसे ज्यादा कब्जे
केडीए की नौबस्ता और देहली सुजानपुर योजना में सबसे ज्यादा तालाबों की जमीन पर कब्जा मिला है। नौबस्ता में 23 और देहली सुजानपुर में 18 तालाब चिह्नित किए गए हैं। नौबस्ता के 14 और देहली सुजानपुर के 10 तालाबों की जमीन पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है। नौबस्ता के बाकी नौ तालाबों की जमीन पर योजनाएं बसा दी गईं। चंदारी के 25 तालाबों में नौ पर पूरी तरह से कब्जा है और नौ पर योजनाएं बसी हैं। यहां छह तालाब पूरी तरह से खाली मिले हैं। पनकी गंगागंज में पांच, अहिरवां में चार तालाबों पर कब्जे हैं।

कुलगांव में 10 तालाब खाली 
चकेरी के कुलगांव में 10, सनिगवां में नौ, उचटी में पांच, रूमा में छह, कल्याणपुर के बारासिरोही में 11 तालाबों की जमीन खाली पड़ी है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed