Kanpur: घूस लेते पकड़े गए कानूनगो का डिमोशन, अमीन पद पर वहीं जाएंगे जहां से मिला प्रमोशन, डीएम ने कही ये बात
Kanpur News: नर्वल तहसील में जमीन पैमाइश के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो को घूस लेते पकड़ा था। जिलाधिकारी ने दोषी मानते हुए दो वर्ष पहले हुए प्रमोशन के आदेश को निरस्त किया है।
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कानपुर में जमीन की पैमाइश के लिए नर्वल तहसील में एक वर्ष पहले रिश्वत लेते पकड़े गए कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) विष्णु स्वरूप श्रीवास्तव को जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बहाल कर दिया है। हालांकि राजस्व निरीक्षक पद से डिमोशन करते हुए अमीन पद पर तैनाती दी गई है। विष्णु दो साल पहले ही अमीन से प्रोन्नत होकर राजस्व निरीक्षक बना था। उसे बिल्हौर से नर्वल तहसील भेजा गया था। अब वापस बिल्हौर भेजा जाएगा। निलंबन के दौरान का अवशेष वेतन, भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
साढ़ थाना क्षेत्र के कुढ़नी निवासी अमन ने एंटी करप्शन यूनिट में शिकायत की थी कि कुढ़नी क्षेत्र में उनकी जमीन है। उन्होंने जमीन की पैमाइश कराने के लिए कुढ़नी क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी कानूनगो विष्णु स्वरूप श्रीवास्तव से संपर्क किया। पहले तो कानूनगो उसे टालते रहे। बाद में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इस पर एंटी करप्शन में शिकायत की। अधिकारियों ने पहले जांच की। इसके बाद जाल बिछाया। कानूनगो को रुपये लेते एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
वहीं, जिलाधिकारी ने अपने स्तर से अपर नगर मजिस्ट्रेट (षष्टम) को जांच अधिकारी नामित किया था। रिपोर्ट में सामने आया कि राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जांच तक नहीं की। कोई जांच आख्या भी प्रस्तुत नहीं की। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को बहाली करते हुए राजस्व निरीक्षक को मूल पद अमीन संग्रह पर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि किस तहसील में तैनात किया जाएगा, ये अभी तय नहीं है, लेकिन नियम है कि जहां से प्रोन्नति मिलती है, डिमोशन में वहीं भेजा जाता है।
अधिकारियों की जांच में आरोप सही पाए गए थे। भ्रष्टाचार के आरोपी को बहाल करते हुए पदोन्नति निरस्त कर मूल पद अमीन संग्रह पर तैनाती के आदेश दिए हैं। -राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी