Kanpur Weather Update: धूप से मिली कुछ राहत...पर ठंड से राहत के आसार नहीं, 10 फरवरी तक रह सकता है ऐसा ही मौसम
Weather News: सीएसए के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस सीजन में ठंडक अगले महीने की 10 फरवरी तक बनी रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 24 के बाद 28 जनवरी तक कोहरा और धुंध दोनों रहेगा। शाम होते ही शीतलहर की तीव्रता बढ़ेगी।
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कानपुर में भीषण ठंड से गुजर रहे शहरियों को सोमवार को उस समय कुछ राहत मिली, जब तेज धूप निकली। हालांकि दिन ढलते ही फिर से गलन और ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के अंत तक शीतलहर जारी रहने की संभावना है।
इस बीच पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है। इससे मंगलवार को ऊंचे स्तर पर बादल (हाई क्लाउड) बनने से रात का पारा अगले 24 घंटे में बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिन में धूप और रात में शीत अधिक पड़ने की वजह से 23 जनवरी को कोहरा देर तक बना रह सकता है।
इस बीच अधिकतम पारा 17.2 और न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दिन में हवा की रफ्तार 3.6 किमी प्रति घंटा रही, जिससे धूप में भी ठंड बनी रही। सीएसए के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस सीजन में ठंडक अगले महीने की 10 फरवरी तक बनी रहने की संभावना है।
28 जनवरी तक कोहरा और धुंध दोनों रहेगा
उत्तर पश्चिमी हवाओं की वजह से ठंडक भी बनी रहेगी। धूप की वजह से हवा की नमी में आठ प्रतिशत की कमी रही। अधिकतम नमी 84 और न्यूनतम 55 प्रतिशत रही। बताया कि 24 के बाद 28 जनवरी तक कोहरा और धुंध दोनों रहेगा। शाम होते ही शीतलहर की तीव्रता बढ़ेगी।
निमोनिया से दो की मौत, 27 को हार्ट अटैक
जाड़े में वायरल संक्रमण के रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। पहले गले में संक्रमण होता है, फिर न्यूमोनाइटिस हो जाता है। निमोनिया के दो रोगियों की सोमवार को मौत हो गई। इसके साथ ही 27 रोगियों को हार्ट अटैक के लक्षण उभरने पर कार्डियोलॉजी में भर्ती किया गया।
ओपीडी में 245 रोगी आए, 67 ने इमरजेंसी में जांच कराई
इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि ओपीडी में 245 रोगी आए। 67 ने इमरजेंसी में जांच कराई। 27 रोगी हार्ट अटैक के लक्षण के साथ आए। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक, निमोनिया और अस्थमा अटैक के रोगी भर्ती किए गए। मंधना के रहने वाले राजकिशोर (54) और लालबंगला के नितेंद्र (47) की निमोनिया से मौत हो गई। रोगियों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर हैलट रेफर किया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के पहले मौत हो गई।