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खतरे में लोगों की जान: मकड़ीखेड़ा में जलभराव से 50 हजार की आबादी बेहाल, निकल रहे मगरमच्छ
Tue, 01 Sep 2026 08:14 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 01 Sep 2026 08:14 PM IST
सार
Kanpur News: दो साल से नाला निर्माण अधर में है। आधी-अधूरी सफाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई। घरों में पानी भरा।
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मगरमच्छ निकलने से दहशत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आधी-अधूरी नाला सफाई और दो साल से निर्माण कार्य शुरू न होने के कारण मकड़ीखेड़ा में जलभराव है। अग्निहोत्रनगर, आइसक्रीम वाली गली समेत आसपास के इलाकों में करीब एक हजार मकानों की 50 हजार आबादी तीन दिन से बेहाल है। कई घरों में कमर तक पानी भरा है। जलभराव के बीच दो दिनों से मगरमच्छ के बच्चे निकलने से दहशत है।
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मकड़ीखेड़ा नाला करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा है। यह बिठूर रोड स्थित डीपीएस स्कूल के पास से मैनावती मार्ग स्थित एनआरआई सिटी तक जाता है। नाला कई जगह क्षतिग्रस्त और चोक है। बारिश से पहले फंड जारी होने के बावजूद आधी-अधूरी सफाई कर काम छोड़ दिया गया। इससे पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों से होते हुए घरों में भर गया। क्षेत्रीय पार्षद नीलम बाथम ने बताया कि नाले की सफाई ठीक से नहीं हुई है। मरम्मत के लिए धन आवंटित हो चुका है, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि सांसद और विधायक से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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आवागमन के लिए पुलिया बनाना जरूरी
नाला सफाई ठीक से होती और सड़क ऊंची कर दी जाती तो इतनी खराब स्थिति न होती। बीच में कुछ जगह पुलिया भी बनाई जानी चाहिए। - संतलाल, अग्निहोत्रनगर
सांसद-विधायक झांकने तक नहीं आए
जलभराव के चलते तीन दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। जानकारी के बाद भी सांसद, क्षेत्रीय विधायक और पार्षद झांकने तक नहीं आए। - रामेश्वर वर्मा, अग्निहोत्र नगर
आठ माह पहले नाला निर्माण के लिए सीएनडीरएस योजना के तहत 56 करोड़ रुपये जारी हुए थे। टेंडर प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। छह से सात माह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, जोन-6 नगर निगम
नाला सफाई ठीक से होती और सड़क ऊंची कर दी जाती तो इतनी खराब स्थिति न होती। बीच में कुछ जगह पुलिया भी बनाई जानी चाहिए। - संतलाल, अग्निहोत्रनगर
सांसद-विधायक झांकने तक नहीं आए
जलभराव के चलते तीन दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। जानकारी के बाद भी सांसद, क्षेत्रीय विधायक और पार्षद झांकने तक नहीं आए। - रामेश्वर वर्मा, अग्निहोत्र नगर
आठ माह पहले नाला निर्माण के लिए सीएनडीरएस योजना के तहत 56 करोड़ रुपये जारी हुए थे। टेंडर प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। छह से सात माह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, जोन-6 नगर निगम
नगर आयुक्त ने लिया जायजा
मकड़ीखेड़ा व आसपास के इलाकों में हुए जलभराव का मंगलवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने निरीक्षण किया। उन्होंने मकड़ीखेड़ा, एनआरआई सिटी मैनावती मार्ग, गंगा बैराज और कछार गांव का भी जायजा लिया। एनआरआई सिटी के सामने ख्योरा नाले पर 20-20 एचपी के दो पंप लगे मिले। इस पर इतने ही क्षमता का एक और पंप लगाने को कहा। उन्होंने जलकुंभी हटाने, जालियों की सफाई के लिए 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, जलभराव खत्म होते ही सफाई अभियान चलाने और प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजने को कहा। कर्बला चौराहा के पास नाले की दोबारा सफाई कराने के भी निर्देश दिए।
मकड़ीखेड़ा व आसपास के इलाकों में हुए जलभराव का मंगलवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने निरीक्षण किया। उन्होंने मकड़ीखेड़ा, एनआरआई सिटी मैनावती मार्ग, गंगा बैराज और कछार गांव का भी जायजा लिया। एनआरआई सिटी के सामने ख्योरा नाले पर 20-20 एचपी के दो पंप लगे मिले। इस पर इतने ही क्षमता का एक और पंप लगाने को कहा। उन्होंने जलकुंभी हटाने, जालियों की सफाई के लिए 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, जलभराव खत्म होते ही सफाई अभियान चलाने और प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजने को कहा। कर्बला चौराहा के पास नाले की दोबारा सफाई कराने के भी निर्देश दिए।