Kanpur Violence: हिंसा के मास्टरमाइंड समेत 24 गिरफ्तार, पीएफआई से कनेक्शन की तलाश, बवाल की साजिश संबंधित साक्ष्य मिले
कानपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार शाम तक उसकी गिरफ्तारी होगी। पुलिस का मानना है कि इस हिंसा के पीछे का मास्टरमाइंड वो ही था।
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कानपुर में नई सड़क पर हिंसा की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 24 आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। जफर समेत मुख्य चार साजिशकर्ताओं को क्राइम ब्रांच ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक मकान से दबोचा। आरोपियों के पास से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब साजिशकर्ताओं का कनेक्शन पीएफआई से तलाश रही है।
पुलिस की एफआईआर से सामने आया कि भीड़ का नेतृत्व हयात जफर हाशमी कर रहा था। भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के एक बयान के विरोध में शुक्रवार को बाजार बंद का आह्वान किया गया था। जुमे की नमाज के बाद हजारों की भीड़ ने दूसरे समुदाय के लोगों की जबरन दुकानें बंद करवाकर चंद्रेश्वर हाता में घुसकर हमला कर दिया था। दोनों समुदाय के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। बाद में पुलिस ने कार्रवाई कर माहौल शांत कराया था।
पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि जांच में सामने आया कि एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन का अध्यक्ष हयात जफर हाशमी बवाल का मुख्य साजिशकर्ता है। साजिश में उसके साथ जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सूफियान को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 20 अन्य आरोपियों को शुक्रवार को हिंसा के दौरान ही दबोचा गया था। इन सभी को जेल भेजा गया है। सीपी ने बताया कि इसी तरह से बाजार बंदी का आह्वान कर बंगाल और मणिपुर में बवाल किया गया था, जिसमें पीएफआई का हाथ सामने आया। इसलिए इस घटना को भी उससे जोड़कर देखा जा रहा है कि कहीं पीएफआई का इसमें भी तो कनेक्शन नहीं है।
यूट्यूटब न्यूज चैनल के दफ्तर में छिपे थे मास्टरमाइंड
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि साजिशकर्ता जावेद अहमद खान एशियन वाइस न्यूज यूट्यूटब चैनल चलाता है। लखनऊ हजरतगंज इलाके में स्थित पांडेय भवन में चैनल का दफ्तर है। बवाल होने के बाद जब इन सभी को पता चल गया कि वह बेनकाब हो गए हैं, तो ये सभी पांडेय भवन में जाकर छिप गए थे। सभी के मोबाइल भी बंद थे। इसके बावजूद फुटेज व टोल की फुटेज से पता चला कि ये सभी लखनऊ गए हैं। एक अन्य शख्स के संपर्क में आरोपी थे, जिसको सर्विलांस पर लिया गया। फिर आसानी से क्राइम ब्रांच की टीम उन तक पहुंच गई।
सभी आरोपियों के मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। सोशल मीडिया के जरिये हयात जफर के तमाम वीडियो पुलिस ने जुटाए हैं। जिसमें भड़काऊ भाषण देते वह सुनाई दे रहा है। इसी तरह कई बैनर, पोस्टर व पर्चे भी उसके पास से मिले हैं। जो वह बाजार बंद व जेल भरो आंदोलन के प्रचार प्रसार में इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इन सभी चीजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
गैंगस्टर और एनएसए लगेगा, बुलडोजर भी चलेगा
पुलिस आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में जुटी है। गैंगस्टर और एनएसए आरोपियों पर लगेगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपियों की अवैध संपत्ति चिह्नित की जाएगी। जो भी अवैध संपत्ति मिलेगी और जो संपत्ति अपराध के जरिये बनाई गई होगी, उस पर बुलडोजर भी चलेगा।
हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल, मोहम्मद सूफिया, इमरान कालिया, आदिल, अइर्फत, इसराइल, नासिर, आशिक अली, मोहम्मद आकिब, मोहम्मद साजिद, अनस, शाहिद, बिलाल, हाजी मोहम्मद नासिर, हबीब, रहमान, मोहम्मद सारिक, जीशान, शहरयान, सफी व दो अन्य।
बवाल में जो भी शामिल था, एक-एक को खोज निकाला जाएगा। वीडियो व फोटो के जरिये 40 उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है। इन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। - विजय सिंह मीना, पुलिस कमिश्नर