Kanpur Violence: बवाल का दिखा असर, छिटपुट बाजार खुला, फोर्स रहा तैनात, लगातार पुलिस की गश्त जारी
कानपुर में बवाल का असर दिखाई दिया। बवाल के बाद शासन ने तीन आईपीएस अफसरों को शहर भेजा है। जिसमें डॉ. अजय पाल शर्मा, चारू निगम और अविनाश पांडेय शामिल हैं। घटना स्थल पर लगातार ये अफसर मौजूद रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में बवाल के बाद बेकनगंज क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस, पीएसी के साथ आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है। लगातार इलाके में गश्त जारी है। पुलिस कमिश्नर, डीएम, डीसीपी समेत अन्य पुलिस के अधिकारी रूट मार्च कर तनाव को कम करने के प्रयास में जुटे हैं।
बवाल का असर इलाके पर पड़ा है। शनिवार को अधिकतर बाजार बंद रहा। जो दुकानें खुलीं तो वहां पर ग्राहक नजर नहीं आए। गलियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। बवाल के बाद से ही नई सड़क, दादामियां का चौराहा, यतीमखाना, चमड़ा बाजार समेत पूरा इलाका छावनी बना हुआ है। घुड़सवार पुलिस भी पेट्रोलिंग करती नजर आई।
पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना, डीएम नेहा शर्मा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी समेत सभी पुलिस कर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे। बीच-बीच में यह अफसर रूट मार्च करते हुए नजर आए। लोगों को समझाया भी कि वह किसी भी तरह के बवाल में न फंसे। अपने रूटीन काम पर ध्यान दें। अफवाहों पर ध्यान न दें।
शासन ने भेजे तीन आईपीएस अफसर
बवाल के बाद शासन ने तीन आईपीएस अफसरों को शहर भेजा है। जिसमें डॉ. अजय पाल शर्मा, चारू निगम और अविनाश पांडेय शामिल हैं। घटना स्थल पर लगातार ये अफसर मौजूद रहे। अपने स्तर से यह अफसर जानकारी जुटा रहे हैं। गोपनीय रिपोर्ट भी शासन को सौंपेंगे। सूत्रों के मुताबिक घटना में शामिल उपद्रवियों व साजिशकर्ता संबंधी रिपोर्ट होगी। इसके अलावा क्या-क्या लापरवाही रही उसकी गोपनीय रिपोर्ट शासन को अफसर सौंपेंगे।
घायलों के परिजनों से भी मिले
चंद्रेश्वर हाता निवासी आठ-दस लोग घायल हुए थे। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर नहीं है। शुक्रवार देर रात मंडलायुक्त समेत अन्य अधिकारी उनसे व उनके परिजनों से बातचीत करने पहुंचे थे। यह सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर सुरक्षा देने का दावा किया। सीधे तौर पर कहा कि किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस प्रशासन हर वक्त साथ में है।