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Kanpur: अमेरिका-ईरान वार्ता विफल, 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर पर फिर संकट, कारोबारी बोले- फिर पहले जैसी स्थिति

Tue, 14 Apr 2026 10:36 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 14 Apr 2026 10:36 AM IST
सार

Kanpur News: अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने से कानपुर के 400 करोड़ रुपये के निर्यात ऑर्डर पोर्ट्स और समुद्र में फंस गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से कच्चे माल की आपूर्ति और उत्पादन पर संकट गहरा गया है।

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Kanpur  US Iran Talks Fail 400 Crore Export Orders Face Renewed Crisis Traders Say We Are Back to Square One
यादवेंद्र सचान और आलोक श्रीवास्तव - फोटो : amar ujala

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की वार्ता असफल हो गई है। इससे शहर के निर्यातकों के अलग-अलग देशों को जा रहे 400 करोड़ के कंसाइनमेंट फिर से समुद्र मार्ग या पोर्टों पर रोक दिए गए हैं। अमेरिकी की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की घाेषणा और ईरान की ओर से अन्य पोर्टों के सुरक्षित न रहने की धमकी से तनाव और बढ़ गया है।

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अब शहर के निर्यातकों में डर का माहौल बन गया है। उनका कहना है कि नए ऑर्डर मिल नहीं रहे हैं और पुराने फंस गए हैं। किसी भी निर्यात ऑर्डरों को पूरा करने में कम से कम दो महीने का समय चाहिए होता है। उत्पादनकर्ताओं के सामने नई चुनौती आ गई है। युद्ध विराम की घोषणा से शहर के निर्यातकों की उम्मीद बंधी थी।

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अब फिर से हालात और कठिन हो गए
समुद्र और अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर फंसे 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर उनके खरीदारों के पास एक सप्ताह के भीतर पहुंच सकेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गैस की आपूर्ति में सुधार होगा। कच्चा माल का संकट कम होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और आगे नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी, लेकिन अब फिर से हालात और कठिन हो गए हैं।

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर से बढ़ने की संभावना से निर्यातकों में अनिश्चतता का माहौल बन गया है। नए निर्यात ऑर्डर पूरा करने में ही कम से कम दो महीने लगते हैं। निर्यातकों की बड़ी पूंजी फंसी हुई है। युद्ध विराम वार्ता विफल होने से शहर के उत्पादनकर्ताओं के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।  -यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

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400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर जो बीच समुद्र या अलग-अलग बंदरगाहों पर फंसे थे, वे अभी निकलना शुरू हुए ही थे कि दोनों देशों के बीच फिर से टकराव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नई धमकी से निर्यातकों ने अपने-अपने कंसाइनमेंट फिर से जहां हैं, उसी जगह पर रोकने के लिए कहा है।  -आलोक श्रीवास्तव, सहायक निदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन

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