Kanpur: यूपीसीडा के औद्योगिक भूखंडों को फ्री-होल्ड किया जाए, उद्यमियों ने बोर्ड के अध्यक्ष को बताई समस्याएं
Kanpur News: भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि मंत्री की बात ही अधिकारी नहीं सुनते हैं। उन्हें पद छोड़कर उद्यमी और व्यापारी के साथ आंदोलन करना चाहिए।
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प्रॉविंशियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को पनकी स्थित सभागार में उद्यमी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि रविकांत गर्ग को समस्याएं बताईं। साथ ही यूपीसीडा की ओर से आवंटित औद्योगिक भूखंडों को फ्री-होल्ड कराने की मांग की। अध्यक्ष ने उद्यमियों को मुख्यमंत्री तक समस्याएं पहुंचने का भरोसा दिया। इस दौरान औद्योगिक मंत्री के चिट्ठी प्रकरण पर भी चर्चा हुई।
उद्यमियों ने कहा कि पांच हजार के स्टांप पर घरों आदि की रजिस्ट्री तरह उद्योगों में भी इसे लागू होना चाहिये। वहीं दूसरी तरफ जब मूल आवंटी की मृत्यु हो जाती है, तो वही भूखंड सौ रुपये के स्टांप पर ट्रांसफर हो जाता है। यूपीसीडा में क्षेत्रीय प्रबंधक के अधिकार बढ़ाए जाएं। यूपीसीडा को औद्योगिक क्षेत्रों के मेंटीनेंस का कार्य दिया गया है लेकिन कोई भी काम नहीं हो रहे हैं। बिजली व्यवस्था पूर्व व्यवस्था के तहत चले। केंद्रीयकृत व्यवस्था से दिक्कत बढ़ गई है।
मुकदमे के निस्तारण तक निरस्त न हो लाइसेंस
कहा कि औद्योगिक बिजली दर पहले से ही बहुत ज्यादा है, जिसे न बढ़ाया जाए। नगर निगम मनमानी करके पिछले पांच वर्षों का एरियर निकालकर नोटिस भेज रहा है ,जबकि लोगों का हाउस टैक्स संशोधित जमा है। खाद्य मसाला उद्योग में यदि दो वस्तुओं जैसे मिर्चा और हल्दी का सैंपल फेल हो जाए, तो लाइसेंस निरस्त हो जाता। कहा कि जब तक मुकदमे का निस्तारण न हो तब तक लाइसेंस निरस्त न किया जाए।
अधिकारी नहीं सुनते हैं मंत्री की बात
मुख्य अतिथि ने कहा कि इन समस्याओं को संबंधित मंत्रियों, अफसरों के साथ ही मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि मंत्री की बात ही अधिकारी नहीं सुनते हैं। उन्हें पद छोड़कर उद्यमी और व्यापारी के साथ आंदोलन करना चाहिए। यहां सुनील गुप्ता, मनोज बंका, मिथलेश गुप्ता, अतुल सेठ, मिक्की मनचंदा, सुमित चावला, मनोज अग्रवाल, बृजेश अवस्थी, गोपाल, शारदा प्रसाद, शशांक, राम प्रताप यादव आदि रहे।