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Kanpur: लोहा कारोबारी से 14.50 लाख की ठगी करने वाले दो साइबर ठग झारखंड से गिरफ्तार
Thu, 17 Apr 2025 10:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 17 Apr 2025 10:39 PM IST
सार
Kanpur News: सीयूजीएल गैस कनेक्शन नवीनीकरण कराने का झांसा देकर 14.50 लाख की ठगी करने वाले दो साइबर ठग झारखंड से गिरफ्तार किए गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीम ने लोहा कारोबारी से ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को झारखंड राज्य से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कारोबारी से सीयूजीएल गैस कनेक्शन नवीनीकरण कराने का झांसा देकर 14.50 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों के पास से यूसीजीएल का डेटा, 16 मोबाइल, 10 क्रेडिट कार्ड व एक कार किया बरामद की गई है। साथ ही इनके एक दर्जन से अधिक बैंक खातों में जमा 50 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस अब टीम के सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने गुरुवार को ठगी के मामले का खुलासा किया है। बताया कि ठगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम जांच कर रही थी। पुलिस ने ठगों की बैंक अकाउंट डिटेल, मोबाइल नंबर की जांच की। जांच के दाैरान दो शातिरों की लोकेशन झारखंड व पश्चिम बंगाल राज्य में मिल रही थी। पुलिस टीम ने मोबाइल डिवाइस, साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले स्टूमेंट और दस्तावेजों के साथ दो साइबर ठगों को झारखंड के गिरिडीह बगोदर गांव से गिरफ्तार किया। इनमें 12वीं पास अमरजीत मंडल और बीए पास रितेश शामिल है।
आरोपियों ने बताया कि उनके पास सीयूजीएल के लाखों उपभोक्ताओं का डाटा है। इसी का फायदा उठाकर वह सीयूजीएल का अफसर या कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं। बाद में एपीके फाइल या बग भेज मोबाइल हैक करके बैंक अकाउंट से रकम उड़ा देते हैं। जांच के दौरान सामने आया कि 12 से ज्यादा बैंक अकाउंट में 50 लाख से ज्यादा कैश है। आरोपी अब तक हजारों की संख्या में सीयूजीएल कस्टमर को करोड़ों रुपये की चपत लगा चुके हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने गुरुवार को ठगी के मामले का खुलासा किया है। बताया कि ठगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम जांच कर रही थी। पुलिस ने ठगों की बैंक अकाउंट डिटेल, मोबाइल नंबर की जांच की। जांच के दाैरान दो शातिरों की लोकेशन झारखंड व पश्चिम बंगाल राज्य में मिल रही थी। पुलिस टीम ने मोबाइल डिवाइस, साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले स्टूमेंट और दस्तावेजों के साथ दो साइबर ठगों को झारखंड के गिरिडीह बगोदर गांव से गिरफ्तार किया। इनमें 12वीं पास अमरजीत मंडल और बीए पास रितेश शामिल है।
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आरोपियों ने बताया कि उनके पास सीयूजीएल के लाखों उपभोक्ताओं का डाटा है। इसी का फायदा उठाकर वह सीयूजीएल का अफसर या कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं। बाद में एपीके फाइल या बग भेज मोबाइल हैक करके बैंक अकाउंट से रकम उड़ा देते हैं। जांच के दौरान सामने आया कि 12 से ज्यादा बैंक अकाउंट में 50 लाख से ज्यादा कैश है। आरोपी अब तक हजारों की संख्या में सीयूजीएल कस्टमर को करोड़ों रुपये की चपत लगा चुके हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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यह था मामला
पनकी निवासी लोहा कारोबारी विनोद मिश्रा के मोबाइल पर बीते 11 मार्च को कॉल आई थी। कॉल करने वाले शख्स ने बताया कि वह सीयूजीएल कंपनी से बोल रहा है। उनका गैस कनेक्शन बिल बकाया है। कनेक्शन पुराना हो गया है। इसका नवीनीकरण कराना पड़ेगा, नहीं तो जुर्माना भरना पड़ेगा। कनेक्शन का नवीनीकरण हमारी मदद से कर सकते हैं। ठगों की बातों से फंसकर विनोद झांसे में आ गए थे। इस पर ठगों ने उन्हें मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेजी। कारोबारी ने एपीके फाइल को डाउनलोड कर बैंक की गोपनीय जानकारी भर दी थी। इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में कुल 14.59 लाख रुपये निकल गए थे।
पनकी निवासी लोहा कारोबारी विनोद मिश्रा के मोबाइल पर बीते 11 मार्च को कॉल आई थी। कॉल करने वाले शख्स ने बताया कि वह सीयूजीएल कंपनी से बोल रहा है। उनका गैस कनेक्शन बिल बकाया है। कनेक्शन पुराना हो गया है। इसका नवीनीकरण कराना पड़ेगा, नहीं तो जुर्माना भरना पड़ेगा। कनेक्शन का नवीनीकरण हमारी मदद से कर सकते हैं। ठगों की बातों से फंसकर विनोद झांसे में आ गए थे। इस पर ठगों ने उन्हें मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेजी। कारोबारी ने एपीके फाइल को डाउनलोड कर बैंक की गोपनीय जानकारी भर दी थी। इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में कुल 14.59 लाख रुपये निकल गए थे।