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Kanpur: पेड़ गिरने से तीन पोल टूटे... बिजली गई, कार की बैट्री से रोशनी की तब हुए पोस्टमार्टम
Sun, 29 Sep 2024 01:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 29 Sep 2024 01:47 PM IST
सार
Kanpur News: शुक्रवार दोपहर को पेड़ गिरने से हैलट परिसर, ब्लड बैंक, पोस्टमार्टम हाउस की बिजली चली गई थी। शनिवार को भी पांच घंटे प्रक्रिया प्रभावित रही। किराये के जनरेटर से काम शुरू हुआ।
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जनरेटर चालू करते लोग, कार की बैट्री से तार जोड़कर की गई रोशनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बारिश से शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हैलट परिसर में लगा नीम का पेड़ गिरने से बिजली के तीन पोल टूट गए। इससे हैलट और पोस्टमार्टम हाउस की बिजली चली गई। इन्वर्टर ठप होने और जनरेटर न होने से अंदर अंधेरा छा गया और शवों के पोस्टमार्टम रुक गए। चौबेपुर में शुक्रवार रात सड़क हादसे में मृत तीन लोगों के शवों का भी शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं शुरू हुआ तो फार्मासिस्ट नवनीत से नोकझोंक होने लगी।
इसके बाद शवों को लेकर आए अरौल निवासी सिंकू कटियार ने अपनी कार स्टार्ट की और बैटरी के सहारे तार लगाकर अंदर रोशनी की तब पोस्टमार्टम हो सके। लगभग 30 घंटे बाद शनिवार को शाम छह बजे बिजली आई। इससे पांच घंटे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया बाधित रही। दो दिन में 39 शव पोस्टमार्टम के लिए लाए गए थे। शुक्रवार बिजली जाने से हैलट अस्पताल और परिसर के साथ ही ब्लड बैंक, हैलट चौकी, पोस्टमार्टम हाउस की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इन्वर्टर की रोशनी में पोस्टमार्टम किया गया। शाम को इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इससे शुक्रवार को चार शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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इसके बाद शवों को लेकर आए अरौल निवासी सिंकू कटियार ने अपनी कार स्टार्ट की और बैटरी के सहारे तार लगाकर अंदर रोशनी की तब पोस्टमार्टम हो सके। लगभग 30 घंटे बाद शनिवार को शाम छह बजे बिजली आई। इससे पांच घंटे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया बाधित रही। दो दिन में 39 शव पोस्टमार्टम के लिए लाए गए थे। शुक्रवार बिजली जाने से हैलट अस्पताल और परिसर के साथ ही ब्लड बैंक, हैलट चौकी, पोस्टमार्टम हाउस की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इन्वर्टर की रोशनी में पोस्टमार्टम किया गया। शाम को इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इससे शुक्रवार को चार शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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रातभर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो शनिवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस प्रभारी डॉ. नवनीत कुमार ने जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन बिजली विभाग का कोई कर्मचारी दोपहर तीन बजे तक झांकने नहीं पहुंचा। सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की किसी अधिकारी ने समस्या का संज्ञान में नहीं लिया। पुलिस ने भी कन्नी काट ली। इससे शनिवार को भी पांच घंटे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सके। शनिवार को भी 25 शव आए थे। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रभारी ने किराये पर जनरेटर मंगाकर पोस्टमार्टम शुरू कराए।
मोबाइल टार्च के सहारे लिखापढ़ी की
शनिवार को 25 शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस लेकर पहुंची। बिजली आपूर्ति ठप होने से सुबह नौ से शाम छह बजे बजे 19 शवों का पोस्टमार्टम हो सका। छह शवों का पोस्टमार्टम रुक गया। बिजली न आने से सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक घाटमपुर सीएचसी के डॉ. जयप्रकाश व जिला कारागार के डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी बैठे रहे। फार्मासिस्ट नवनीत कुमार और फोरेंसिक अंगुलछाप सिपाही संजय कुमार ने मोबाइल टार्च के सहारे कागजों की लिखापढ़ी की।
पोस्टमार्टम हाउस में जनरेटर भेजने की बात सुन कर दिया इनकार
बिजली की समस्या के बारे में सीएमओ आलोक रंजन को फोन कर बताया। स्वरूपनगर थाने के पुलिसकर्मी से मदद मांगी। वहां से व्यवस्था नहीं हो पाई। रायपुरवा और दर्शनपुरवा क्षेत्र में किराये पर जनरेटर देने वालों से फोन पर बात की, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में जनरेटर भेजने की बात आई तो मना कर दिया। एक जगह से जनरेटर मिला, तब पोस्टमार्टम शुरू हो सके। इस दौरान करीब 15 लीटर डीजल खर्च हुआ।- डॉ. नवनीत कुमार, पोस्टमार्टम प्रभारी
शनिवार को 25 शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस लेकर पहुंची। बिजली आपूर्ति ठप होने से सुबह नौ से शाम छह बजे बजे 19 शवों का पोस्टमार्टम हो सका। छह शवों का पोस्टमार्टम रुक गया। बिजली न आने से सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक घाटमपुर सीएचसी के डॉ. जयप्रकाश व जिला कारागार के डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी बैठे रहे। फार्मासिस्ट नवनीत कुमार और फोरेंसिक अंगुलछाप सिपाही संजय कुमार ने मोबाइल टार्च के सहारे कागजों की लिखापढ़ी की।
पोस्टमार्टम हाउस में जनरेटर भेजने की बात सुन कर दिया इनकार
बिजली की समस्या के बारे में सीएमओ आलोक रंजन को फोन कर बताया। स्वरूपनगर थाने के पुलिसकर्मी से मदद मांगी। वहां से व्यवस्था नहीं हो पाई। रायपुरवा और दर्शनपुरवा क्षेत्र में किराये पर जनरेटर देने वालों से फोन पर बात की, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में जनरेटर भेजने की बात आई तो मना कर दिया। एक जगह से जनरेटर मिला, तब पोस्टमार्टम शुरू हो सके। इस दौरान करीब 15 लीटर डीजल खर्च हुआ।- डॉ. नवनीत कुमार, पोस्टमार्टम प्रभारी