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Kanpur: वायरल संक्रमण से सेप्टीसीमिया, दो रोगियों की मौत, सांस लेने में परेशानी, संक्रमण फैल जा रहा खून में

Wed, 16 Nov 2022 08:41 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 16 Nov 2022 08:41 PM IST
सार

रोगियों के लिवर में सूजन आ जा रही है और इंजाइम का रिसाव होने लग रहा है। इसके साथ ही संक्रमण सांस की नली, फेफड़ों और दूसरे अंगों में जा रहा है। रोगियों की डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन प्लेटलेट्स काउंट नीचे जा रहा है। वायरल डायरिया के भी लक्षण उभरते हैं।

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Kanpur: Septicemia due to viral infection, two patients died
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

वायरल संक्रमण का हमला तेज हो रहा है। वायरल फीवर से रोगियों को सेप्टीसीमिया हो जा रहा है। इससे वे मल्टी आर्गन फेल्योर की स्थिति में चले जा रहे हैं। वायरल संक्रमण से बुधवार को दो रोगियों की मौत हो गई। 15 को गंभीर हालत में हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई रोगी निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

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डॉक्टरों का कहना है कि रोगियों के लिवर में सूजन आ जा रही है और इंजाइम का रिसाव होने लग रहा है। इसके साथ ही संक्रमण सांस की नली, फेफड़ों और दूसरे अंगों में जा रहा है। रोगियों की डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन प्लेटलेट्स काउंट नीचे जा रहा है। वायरल डायरिया के भी लक्षण उभरते हैं। इसके साथ ही सीरम क्रेटेनिन दो से अधिक हो जाता है। कई रोगी निजी अस्पतालों से हैलट रेफर किए गए हैं। आवास-विकास के रहने वाले ज्ञान प्रकाश (55) की सेप्टीसीमिया से मौत हो गई।

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पहले उनका इलाज क्षेत्र के डॉक्टर के यहां चल रहा था। जब सांस फूली तो परिजन कार्डियोलॉजी ले गए, वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके बेटे किशोर ने बताया कि पैथोलॉजी की रिपोर्ट में लिवर, किडनी में भी खराबी आई थी। प्लेटलेट्स काउंट कम था और ब्लड प्रेशर गिर गया था। इसी तरह झाड़ीबाबा क्षेत्र की रहने वाली कुसुमा (65) की वायरल फीवर के बाद मौत हो गई। निजी अस्पताल से उन्हें हैलट रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने के पहले ही दम तोड़ दिया।

बहन राधिका ने बताया कि निजी अस्पताल में कहा गया था कि उन्हें आईसीयू की जरूरत है। इसके अलावा वायरल फीवर के बाद हालत बिगड़ने पर कई रोगी आईसीयू में भर्ती हैं। हैलट की फीवर क्लीनिक और संचारी रोग प्रभारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि रोगी के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर वायरल संक्रमण से सेप्टीसीमिया हो जाता है। वायरल संक्रमण के बाद लिवर पर पहला असर आता है। उन्होंने बताया कि हैलट में इस वक्त बुखार के 40 रोगी भर्ती हैं।

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