कानपुर: 24 घंटे में दूसरा हादसा, ओमनी और ऑटो की जोरदार भिड़ंत, यात्री का गंभीर घायल, जिम्मेदार विभाग बेपरवाह
Kanpur News: बिधनू थाना क्षेत्र अंतर्गत हरबसपुर पंचायत घर के पास जानलेवा गड्ढे के कारण 24 घंटे के अंदर दूसरा बड़ा हादसा हो गया। शनिवार को गड्ढे से बचने के चक्कर में तेज रफ्तार ओमनी कार ने सड़क किनारे खड़े सवारी ऑटो में टक्कर मार दी, जिससे ऑटो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। एक दिन पहले ही इसी गड्ढे की वजह से डंपर और स्कूल बस की भिड़ंत में शिक्षिका की मौत व 15 लोग घायल हुए थे।
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कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र में हरबसपुर पंचायत घर के पास सड़क के गड्ढे से बचने की कोशिश में शनिवार को तेज रफ्तार ओमनी अनियंत्रित होकर सवारी ऑटो से जा भिड़ी। हादसे में ऑटो के किनारे बैठे मूसानगर निवासी दिलीप कुमार (50) के दोनों पैर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बिधनू सीएचसी से हैलट रेफर किया गया, लेकिन परिजन निजी अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर उन्हें अपने साथ ले गए।
ऑटो चालक पप्पू के मुताबिक, वह मूसानगर से सवारियां लेकर नौबस्ता जा रहा था। पंचायत घर के पास लघुशंका के लिए उसने ऑटो सड़क किनारे रोका था। इसी दौरान पीछे से आ रही ओमनी के चालक ने सड़क के गड्ढे से बचने का प्रयास किया। वाहन अनियंत्रित हुआ और ऑटो में जा घुसा। किनारे बैठे दिलीप इसकी चपेट में आ गए। ऑटो में सवार अन्य यात्रियों को चोट नहीं आई।
हादसा हुआ…मौत हुई, फिर भी नहीं भरे गड्ढे
हरबसपुर में शुक्रवार को इसी मार्ग पर सड़क के गड्ढे के कारण डंपर और स्कूल बस की टक्कर में विज्ञान शिक्षिका ऐश्वर्या श्रीवास्तव की मौत हो गई थी, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए थे। हादसे के 24 घंटे के भीतर उसी जगह फिर दुर्घटना ने सड़क की बदहाली और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले जानलेवा हादसा होने के बावजूद शनिवार तक न गड्ढा भरा गया और न ही दुर्घटना की आशंका वाले स्थान पर कोई तत्काल सुरक्षा इंतजाम किया गया।
जगह-जगह गड्ढे, सड़क पर बिखरी बजरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हरबसपुर मार्ग पर सड़क जगह-जगह उखड़ी हुई है। गहरे गड्ढों के साथ सड़क पर बजरी फैली है, जिससे वाहन चालकों के लिए सामान्य रफ्तार में चलना भी जोखिम भरा हो गया है। गड्ढा सामने आते ही वाहन चालक बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं और इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सड़क की हालत से अच्छी तरह वाकिफ होने के बावजूद मरम्मत को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।