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‘मौत की सवारी’: क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठा बिना बीमा दौड़ी वैन, रोड पर पड़े थे खून से लथपथ मासूम, मचा हाहाकार

Fri, 09 Feb 2024 05:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 09 Feb 2024 05:52 AM IST
सार

Kanpur School Van Accident: अरौल में हुए सड़क हादसे में मौत की सवारी बनकर स्कूली वैन दौड़ रही थी। हादसे में स्कूल प्रबंधन की भी चूक रही, अनुबंधित वैन की जगह दूसरी गाड़ी से बिना चेकिंग बच्चों को जाने दिया।

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Kanpur School Van Accident, more children sitting than its capacity, innocent children were lying on the road
kanpur school van accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में जीटी रोड पर अरौल में जो वैन ट्रक और लोडर के बीच फंसकर हादसे का शिकार हुई थी, वह मौत की सवारी बनकर सड़क पर दौड़ रही थी। क्योंकि जिस वैन में चालक बच्चे थे, उसका न तो इंश्योरेंस था और न ही कॉमर्शियल श्रेणी में दर्ज थी। इसके साथ ही आठ सीटर क्षमता वाली गाड़ी में चालक ने अवैध रूप से 11 बच्चे भी बैठा रखे थे।

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खास बात यह है कि स्कूल से संबद्ध जिस वैन से रोजाना बच्चे आते जाते थे। गुरुवार को जब उस वैन की जगह दूसरी वैन बच्चों को लेने पहुंची तो स्कूल प्रबंधन ने भी वैन, चालक या सीटिंग क्षमता संबंधी दस्तावेज चेक करना जरूरी नहीं समझा। साथ ही यह भी देखना मुनासिब नहीं समझा कि जिस वैन में बच्चे ले जाए जा रहे हैं, वह टैक्सी परमिट की है और चालक के पास व्यवसायिक ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं।

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धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, मगर सालभर में चालान सिर्फ छह
अवैध ढंग से क्षमता से ज्यादा बच्चे लेकर शहरभर में स्कूली वैन सड़कों पर खुलेआम दौड़ रही हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इन्हें देखा जा सकता है, लेकिन संभागीय परिवहन कार्यालय आरटीओ के अधिकारियों को वह नहीं दिखती। एक जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2024 के बीच बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के स्कूली बच्चों को ढो रही 276 मारुति वैन के चालान व इनमें 65 को सीज करने की कार्रवाई का दावा किया गया।

कामर्शियल व्हीकल में दर्ज नहीं है वैन
हालांकि इस पूरी मियाद के दौरान अधिकारी महज छह मारुति वैन की ही ओवरलोडिंग में चालान कर सकें। आरटीओ राजेश सिंह ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त वैन कामर्शियल व्हीकल में दर्ज नहीं है। साथ ही बच्चों की सुरक्षा के मानक भी पूरे नहीं थे, इसलिए वाहन स्वामी पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंधन अगर यह जांच लेता तो शायद ओवरलोड वैन से स्कूल से घर के लिए न निकल पाते।

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वैन के परखच्चे उड़े, खून से लथपथ बच्चे सड़क पर गिरे
आंकिन गांव में ट्रक से टकराने के बाद वैन के परखचे उड़ गए। खून से लथपथ बच्चे भी सड़क पर तितर-बितर होकर जीटी रोड पर गिरने लगे। बच्चों के सिर, हाथ, छाती, पैर में गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शी रामकुमार, शिवकुमार ने बताया कि वह अरौल से आंकिन की ओर जा रहे थे। जीटी रोड के निर्माण में लगे पानी के टैंकर भी काम में लगे थे। उसी दौरान एक लोडर ने वैन में टक्कर मार दी।

दुर्घटना देख और सुनकर ग्रामीणों व परिजनों में मचा हाहाकार
इसके बाद वैन ट्रक से टकरा गई। मौके पर पहुंचे अभिवावक सुबोध द्विवेदी ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बच्चे जीटी रोड पर ही तड़प रहे थे। उन्होंने तत्काल एम्बुलेंस और 108 नंबर पर सूचना दी, तब बच्चों को अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों ने लोडर चालक ऋषि कटियार को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। उप जिलाधिकारी रश्मि लांबा ने बताया कि जीटी रोड निर्माण में लगे ट्रकों का हादसे से कोई लेना देना नहीं है।

घटना के बाद स्कूल संचालक को पड़ा अटैक, कानपुर रेफर
अरौल में हुए हादसे के बाद जीपीआरडी एजूकेशन सेंटर के एक बच्चे की मौत और 10 बच्चों के घायल होने की सूचना पर स्कूल का संचालन करने वाले अमन पटेल सीएचसी बिल्हौर पहुंचे। खून से लथपथ बच्चों को देख वे जमीन पर गिर गए। सीएचसी प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि दिल का दौरा पड़ा था। ऑक्सीजन लगाकर उन्हें हैलट भेजा गया है। हादसे के करीब तीन घंटे बाद जीपीआरडी कॉलेज की प्रबंधन सदस्यों में से पारुल पटेल सीएचसी पहुंचीं। पारुल पटेल ने हादसे को लेकर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। स्कूल का संचालन कृष्णा पटेल की तीन बेटियां विधायक सिराथू पल्लवी पटेल, पारुल पटेल व अमन पटेल कर रही हैं।

घायल बच्चों को समय से हैलट पहुंचाने के लिए बनाया 60 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर
सड़क हादसे में बच्चों के घायल होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस सक्रिय हो गई। कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आनन-फानन हैलट पहुंचे गए। वहीं घायल बच्चे समय से हैलट लाए जा सकें, इसके लिए अरौल से हैलट तक करीब 60 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। रास्ते में पांच एसीपी और कई थानेदारों को यातायात संभालने की जिम्मा सौंपा गया। साथ ही एंबुलेंस को एस्काॅर्ट करते हुए बिल्हौर सीएचसी से हैलट तक लाया गया।

अरौल हादसे में एक बच्चे की मौत,11 घायल
अरौल थाना क्षेत्र के जीटी रोड आंकिन में जीपीआरडी एजूकेशन सेंटर की एक स्कूल वैन छुट्टी के बाद घर-घर बच्चे छोड़ने जातें स्कूल के समीप ही हाइवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें एक बच्चें की मौत हो गई जबकि चालक सहित 11 अन्य बच्चे बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में प्राथमिक उपचार के उपरांत हैलट कानपुर रेफर किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे अरौल थाना क्षेत्र के जीटी रोड किनारे आंकिन गांव स्थित जीपीआरडी एजूकेशन सेंटर की एक निजी वैन छुट्टी जिसे हलपुरा गांव के निवासी चालक हरिओम कटियार चला रहा था।

ये बच्चे हुए हैं घायल
दुर्घटना में कक्षा आठ की छात्रा समृद्धि द्विवेदी, कक्षा चार के आंकित द्विवेदी, निष्ठा दीक्षित पुत्री देवेंद्र, यश तिवारी (13) पुत्र आलोक तिवारी, कृतिका पुत्री सरवन, सूर्यांत तिवारी पुत्र सतीश, अभिनंदन पुत्र गणेश, अनिका पुत्र अभिषेक और एश्वर्य पुत्र सुबोध सहित वरैइनपुरवा गांव के देवांक पुत्र प्रमोद घायल हो गया। दुर्घटना देख आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे सभी घायलों को क्षतिग्रस्त वैन से निकालकर सीएचसी भेजा, जहां डाक्टरों ने कक्षा सात के छात्र यश तिवारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि समृद्धि व अंकित को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने वैन चालक को हिरासत में लिया है।

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