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Kanpur: बैंक से लिंक सिम बदलकर फंड के 42 लाख रुपये निकाले, गिरफ्तार
Thu, 21 Aug 2025 08:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Aug 2025 08:00 PM IST
सार
वारदात परेड निवासी होम्योपैथिक विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी संग हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ स्थित होम्योपैथिक विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी औसाफ अहमद का बैंक से लिंक सिम बदलकर पेंशन और फंड के 42 लाख निकालने वाले टेलीकॉम संचालक मो. इस्लाम को साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपी के पास से पांच लाख रुपये और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
औसाफ अहमद अमीनगंज परेड में रहते हैं। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपना मोबाइल यतीमखाना स्थित टेलीकॉम की दुकान से रिचार्ज कराते रहे हैं। उनके मुताबिक फरवरी में वह अपना मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए टेलीकॉम संचालन मो. इस्लाम के पास गए। मो. इस्लाम ने उनको बताया कि मोबाइल में पड़ा उनका सिम कार्य नहीं कर रहा है। सिम बदलकर नया लेना होगा। उनका सिम बैंक से पंजीकृत था। आरोप है कि छह माह बाद उन्होंने जब अकाउंट चेकर तो उससे पेंशन और फंड की राशि गायब थी। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में बुधवार को एफआईआर कराई। साइबर क्राइम टीम ने मामले की जांच की। बैंक से जानकारी जुटाई। डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक आरोपी मो. इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पांच लाख रुपये मिले, जबकि 13 लाख दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर रखे थे। उस राशि को फ्रीज कराया गया।
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औसाफ अहमद अमीनगंज परेड में रहते हैं। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपना मोबाइल यतीमखाना स्थित टेलीकॉम की दुकान से रिचार्ज कराते रहे हैं। उनके मुताबिक फरवरी में वह अपना मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए टेलीकॉम संचालन मो. इस्लाम के पास गए। मो. इस्लाम ने उनको बताया कि मोबाइल में पड़ा उनका सिम कार्य नहीं कर रहा है। सिम बदलकर नया लेना होगा। उनका सिम बैंक से पंजीकृत था। आरोप है कि छह माह बाद उन्होंने जब अकाउंट चेकर तो उससे पेंशन और फंड की राशि गायब थी। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में बुधवार को एफआईआर कराई। साइबर क्राइम टीम ने मामले की जांच की। बैंक से जानकारी जुटाई। डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक आरोपी मो. इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पांच लाख रुपये मिले, जबकि 13 लाख दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर रखे थे। उस राशि को फ्रीज कराया गया।
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ऐसे किया खेल
साइबर इंस्पेक्टर दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि मो. इस्लाम ने सिम अपने मोबाइल में डालकर औसाफ अहमद के बैंक से संबंधित एप व यूपीआई का रजिस्ट्रेशन किया। रुपये आते ही शुक्लागंज निवासी मृतक मो. शकील के खाते में करीब 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह खाता भी मो. इस्लाम ही संचालित कर रहा था। शेष ठगी के लगभग 10 लाख रुपये विभिन्न बैंक के क्रेडिट कार्ड के बकाया बिल भुगतान में खर्च किए जबकि छह लाख रुपये शेयर मार्केट के एप से इंट्रा-डे पर निवेश किया।
साइबर इंस्पेक्टर दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि मो. इस्लाम ने सिम अपने मोबाइल में डालकर औसाफ अहमद के बैंक से संबंधित एप व यूपीआई का रजिस्ट्रेशन किया। रुपये आते ही शुक्लागंज निवासी मृतक मो. शकील के खाते में करीब 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह खाता भी मो. इस्लाम ही संचालित कर रहा था। शेष ठगी के लगभग 10 लाख रुपये विभिन्न बैंक के क्रेडिट कार्ड के बकाया बिल भुगतान में खर्च किए जबकि छह लाख रुपये शेयर मार्केट के एप से इंट्रा-डे पर निवेश किया।