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Kanpur: नौ राज्यों 14 विश्वविद्यालय से बिना पढ़े डिग्री दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Thu, 19 Feb 2026 09:50 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 19 Feb 2026 09:50 PM IST
सार

किदवईनगर पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा। पांच की तलाश की जा रही। जूही गोशाले में दफ्तर चला रहे थे।

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Kanpur: racket that provided degrees from 14 universities in nine states without studying has been busted
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिना दाखिला लिए और पढ़ाई किए देश के 14 नामी विश्वविद्यालय से डिग्री दिलाने वाले गिरोह का किदवईनगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुरुवार को गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विश्वविद्यालयों की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिले हैं। आरोपी यूपी के अलावा दिल्ली, आंध्र प्रदेश, एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मणिपुर, झारखंड और उत्तराखंड विश्वविद्यालयों के बाबूओं से मिलीभगत कर पूरा खेल कर रहे थे। आरोपियों के पास से सर्वाधिक 357 डिग्री कानपुर की सीएसजेएम यूनिवर्सिटी की मिली हैं। आरोपियों ने हाईस्कूल, इंटर की मार्कशीट और प्रमाण पत्र 50 हजार में, ग्रेजुएशन की डिग्री 75 हजार में, बीटेक और एलएलबी की डिग्री 1.50 लाख में मुहैया कराने की बात स्वीकारी है। पुलिस को ऐसी ही डिग्री से अधिवक्ता बने लोगों का भी पता चला है।

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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने गुरुवार को खुलासा करते हुए बताया कि काफी समय से फर्जी मार्कशीट और डिग्री वाले गिरोह के बारे में शिकायतें आ रही थीं। सूचना पर किदवई नगर पुलिस ने गोशाला चौराहे के पास शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन कार्यालय में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों में मूलरूप से रायबरेली के ऊंचाहार व वर्तमान में साकेतनगर के रहने वाले शैलेंद्र कुमार, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र व शुक्लागंज निवासी अश्वनी कुमार शामिल हैं।
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एमएससी पास शैलेंद्र गिरोह का सरगना है जबकि नागेंद्र एमसीए, जोगेंद्र हाईस्कूल और अश्वनी 12वीं पास है। आरोपियों के कार्यालय का कहीं कोई पंजीकरण नहीं है। पुलिस को आरोपियों के पास से करीब 60 लाख रुपये की पोस्ट डेटेड चेक मिली हैं। इसके साथ ही आरोपियों के एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक खाते मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है।
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फर्जी डिग्रियों के धंधे से बनाई करोड़ों की संपत्ति
सीपी ने बताया कि शैलेंद्र ने इस धंधे के माध्यम से करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। जूही गोशाला स्थित उसका शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन का कार्यालय करीब 40 लाख रुपये में तैयार किया गया है। वहीं, पनकी में 30 लाख का फ्लैट, रमईपुर में 75 लाख का प्लॉट, बिधनू में 50–50 लाख कीमत की दो भूमि हैं। उसके पास 20 लाख रुपये कीमत की सेल्टॉज कार भी हैं।


होटल में मृत मिला युवक भी गिरोह से जुड़ा था
पुलिस के अनुसार 19 फरवरी 2025 को हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र के होटल स्वामी के कमरा नंबर 105 में आनंद श्रीवास्तव (45) एक शव मिला था। आरोपियों से पूछताछ में उस युवक के भी इसी गिरोह का सदस्य होने की जानकारी मिली है। उसके पास एमपी के छतरपुर की श्रीकृष्ण यूनिवर्सिटी से मार्कशीट व डिग्रियां दिलाने का जिम्मा था।

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