Kanpur: चकेरी एयरपोर्ट के पास बने 52 चमड़ा उद्योगों पर गिरेगी गाज, बंद करने की सिफारिश
चमड़ा उद्योगों की वजह से पक्षियों की संख्या बढ़ रही है जिससे हवाई सेवाओं पर असर पड़ सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 52 चमड़ा उद्योगों को बंद करने की संस्तुति कर दी है। अब शासन की मंजूरी के बाद प्रशासन इन उद्योगों को बंद करा देगा।
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कानपुर में चकेरी एयरपोर्ट के नजदीक अवैध रूप से बसे 52 चमड़ा उद्योगों को बंद करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। एयरफोर्स ने आपत्ति जताई थी कि चमड़ा उद्योगों की वजह से पक्षियों की संख्या बढ़ रही है जिससे हवाई सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
इस समस्या के बाद डीएम विशाख जी ने विभिन्न विभागों के साथ बैठक की और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि जिस क्षेत्र में उद्योग स्थापित हो गए हैं वह औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। फिर भी वहां उद्योग लगते गए और उन्हें बिना पर्यावरण क्लीयरेंस के बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन भी दे दिया। साथ ही उनसे नगर निगम टैक्स भी वसूल रहा था। जाहिर है विभिन्न विभागों के टैक्स लेने और सेवा देने की वजह से वहां उद्योगों की संख्या बढ़ती चली गई।
हालांकि जांच में यह भी साफ हो गया है कि यहां टेनरी संचालित नहीं हो रही है बल्कि चमड़े से विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार करने वाले उद्योग लगे हुए हैं। चूंकि श्रमिक वर्ग ने आसपास झुग्गी झोपड़ियां बना ली हैं। ऐसे में उद्योग और लोगों की गंदगी की वजह से एयरफोर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जांच के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी उद्योगों को बंद करने की संस्तुति कर दी है। अब शासन की मंजूरी के बाद प्रशासन इन उद्योगों को बंद करा देगा।