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Kanpur Flood: कटरी के गांव पानी-पानी, सड़क पर तैर रहीं मछलियां, चल रहीं नाव, खेतों की फसलें चौपट
Sun, 22 Sep 2024 12:26 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:26 AM IST
सार
बैराज के आसपास के करीब एक दर्जन गांव पूरी तरह से जलमग्न हैं। खेतों की फसलें चौपट हो गईं। अमरूद के बाग डूब गए हैं। किनारों पर कटान जारी है। शनिवार को पानी कुछ कम हुआ लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।
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Kanpur Flood
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पहाड़ों में बरिश के बाद मैदानी क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं। शहर में गंगा कटरी और पांडु के डूबक्षेत्र में बाढ़ के चलते लोगों का जनजीवन प्रभावित है। सड़कों पर जहां मोटर गाड़ियां फर्राटा भरती थीं, आज वहां नाव चल रहीं हैं। सैकड़ों हेक्टेयर फसल के साथ अमरूद के बाग पानी में डूब चुके हैं। कटरी में कटान जारी है। बाढ़ की चपेट में आए किसानों के लिए जिला प्रशासन इंतजाम कर रहा है। हालांकि राशन-पानी की सुविधाएं बहुत कम लोगों तक पहुंच रही हैं।
गंगा बैराज के आसपास के करीब एक दर्जन गांव पूरी तरह पानी से जलमग्न हैं। गुरुवार से गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हालांकि शनिवार को पानी कुछ कम हुआ, लेकिन हालात जस के तस हैं। नवाबगंज थानाक्षेत्र में धनियापुरवा, गिल्लीपुरवा, शिवदीनपुरवा, भगवानदीनपुरवा, लक्ष्मणपुरवा और मक्कापुरवा में अभी भी तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। वहीं, ग्वालटोली के चैनपुरवा, ढ़ारमखेड़ा, दिबनीपुरवा, रामपुर, मंगलपुर क्षेत्र भी पानी से डूबे हैं। इधर पांडु के डूबक्षेत्र में बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ है।
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गंगा बैराज के आसपास के करीब एक दर्जन गांव पूरी तरह पानी से जलमग्न हैं। गुरुवार से गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हालांकि शनिवार को पानी कुछ कम हुआ, लेकिन हालात जस के तस हैं। नवाबगंज थानाक्षेत्र में धनियापुरवा, गिल्लीपुरवा, शिवदीनपुरवा, भगवानदीनपुरवा, लक्ष्मणपुरवा और मक्कापुरवा में अभी भी तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। वहीं, ग्वालटोली के चैनपुरवा, ढ़ारमखेड़ा, दिबनीपुरवा, रामपुर, मंगलपुर क्षेत्र भी पानी से डूबे हैं। इधर पांडु के डूबक्षेत्र में बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ है।
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झोपड़ियां छोड़ गए ग्रामीण, पक्के घर वाले छतों पर जमाए डेरा
गंगा बैराज के आसपास कटरी क्षेत्र में तीन दिन से बाढ़ का पानी घरों में भरा है। झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने इन्हें खाली कर दिया है और अस्थाई टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। वहीं, पक्के घरों के लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।
रोजी-रोटी का बढ़ा संकट, शहर पहुंच रहे लोग
कटरी के गांवों में किसान व मजदूर वर्ग फसल डूबने से रोजी-रोटी के लिए परेशान है। नतीजन युवाओं से लेकर अधेड़ तक रोजी-रोटी की खोज में मजदूरी के लिए शहर पहुंच रहे हैं। गांव से बाहर निकलने के लिए जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर लगाए हैं। शनिवार तड़के चैनपुरवा के राधे (70) की बीमारी के चलते मौत हो गई। प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां और परिजनों को श्मशान तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर उपलब्ध कराया।
गंगा बैराज के आसपास कटरी क्षेत्र में तीन दिन से बाढ़ का पानी घरों में भरा है। झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने इन्हें खाली कर दिया है और अस्थाई टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। वहीं, पक्के घरों के लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।
रोजी-रोटी का बढ़ा संकट, शहर पहुंच रहे लोग
कटरी के गांवों में किसान व मजदूर वर्ग फसल डूबने से रोजी-रोटी के लिए परेशान है। नतीजन युवाओं से लेकर अधेड़ तक रोजी-रोटी की खोज में मजदूरी के लिए शहर पहुंच रहे हैं। गांव से बाहर निकलने के लिए जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर लगाए हैं। शनिवार तड़के चैनपुरवा के राधे (70) की बीमारी के चलते मौत हो गई। प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां और परिजनों को श्मशान तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर उपलब्ध कराया।
सड़कों पर तैर रहीं मछलियां, कछुए और सांप
गंगा में बाढ़ के चलते मछलियां सड़कों पर भरे पानी में तैर रही हैं। शनिवार को चैनपुरवा गांव के पास बच्चे दुपट्टे का जाल बनाकर इन्हें पकड़ रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों पर भरे पानी में कछुए और सांप तक दिख रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल है।
सड़क पर चल रही नाव
कटरी के चैनपुरवा, ढ़ारमखेड़ा, दिबनीपुरवा में तीन दिन से पानी भरा है। ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार की अपेक्षा पानी कुछ कम हुआ है। हालांकि सड़क पर तीन से चार फीट तक का पानी भरा है। गांव से बाहर आने और जाने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है।
गंगा में बाढ़ के चलते मछलियां सड़कों पर भरे पानी में तैर रही हैं। शनिवार को चैनपुरवा गांव के पास बच्चे दुपट्टे का जाल बनाकर इन्हें पकड़ रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों पर भरे पानी में कछुए और सांप तक दिख रहे हैं। लोगों में दहशत का माहौल है।
सड़क पर चल रही नाव
कटरी के चैनपुरवा, ढ़ारमखेड़ा, दिबनीपुरवा में तीन दिन से पानी भरा है। ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार की अपेक्षा पानी कुछ कम हुआ है। हालांकि सड़क पर तीन से चार फीट तक का पानी भरा है। गांव से बाहर आने और जाने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है।
पांडु नदी में घटा पानी, लेकिन गंदगी से जीना दुश्वार
पांडु नदी के डूबक्षेत्र में स्थित वरुण विहार कच्ची बस्ती, गुजैनी, मेहरबान सिंह का पुरवा और बर्रा आठ के कुछ इलाकों में चार दिन से पानी भरा है। शनिवार को नदी के जलस्तर में गिरावट होने से कुछ क्षेत्रों से पानी हट गया, लेकिन निचले इलाके अभी भी जलमग्न हैं। जिन घरों से पानी हटा, वहां गंदगी ने डेरा जमा रखा है। पानी भरे रहने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते लोग सड़क किनारे अस्थाई टेंट में रात गुजारने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि अभी बारिश की संभावना बताई गई है। फिलहाल कुछ दिन बस्तियों में नहीं लौटेंगे। बाढ़ का पानी लौटने के बाद घरों की सफाई कर फिर से गृहस्थी संजोएंगे।
बैराज पर कटरी निवासी चार लोगों से बातचीत
बाढ़ से स्थितियां खराब हो गई हैं। खेत में खड़ी फसलों के साथ घर में रखा अनाज भींगने से खराब हो रहा है। पूरा परिवार मुश्किलें उठा रहा है। - संजू, कटरी
बाढ़ का पानी घर में घुस गया है। बच्चे न तो स्कूल जा रहे हैं और न ही रोजी-रोटी का इंतजाम ही कर पा रहे है। सरकार से मदद की उम्मीद है। - विनोद, कटरी
प्रशासन ने ट्रैक्टर लगा देने से आने-जाने में सुविधा हो गई है। सरकारी मदद के तौर पर राशन मिल जाए तो परिवार भरपेट भोजन मिल सकेगा। - रोहित, दिबनीपुरवा
रोजी-रोटी का संकट है। फसल भी खराब हो गई है। परिवार के लिए रखा राशन भींगने से खराब हो गया है। सरकार से मदद की उम्मीद है। - आकाश, कटरी
पांडु नदी के डूबक्षेत्र में स्थित वरुण विहार कच्ची बस्ती, गुजैनी, मेहरबान सिंह का पुरवा और बर्रा आठ के कुछ इलाकों में चार दिन से पानी भरा है। शनिवार को नदी के जलस्तर में गिरावट होने से कुछ क्षेत्रों से पानी हट गया, लेकिन निचले इलाके अभी भी जलमग्न हैं। जिन घरों से पानी हटा, वहां गंदगी ने डेरा जमा रखा है। पानी भरे रहने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते लोग सड़क किनारे अस्थाई टेंट में रात गुजारने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि अभी बारिश की संभावना बताई गई है। फिलहाल कुछ दिन बस्तियों में नहीं लौटेंगे। बाढ़ का पानी लौटने के बाद घरों की सफाई कर फिर से गृहस्थी संजोएंगे।
बैराज पर कटरी निवासी चार लोगों से बातचीत
बाढ़ से स्थितियां खराब हो गई हैं। खेत में खड़ी फसलों के साथ घर में रखा अनाज भींगने से खराब हो रहा है। पूरा परिवार मुश्किलें उठा रहा है। - संजू, कटरी
बाढ़ का पानी घर में घुस गया है। बच्चे न तो स्कूल जा रहे हैं और न ही रोजी-रोटी का इंतजाम ही कर पा रहे है। सरकार से मदद की उम्मीद है। - विनोद, कटरी
प्रशासन ने ट्रैक्टर लगा देने से आने-जाने में सुविधा हो गई है। सरकारी मदद के तौर पर राशन मिल जाए तो परिवार भरपेट भोजन मिल सकेगा। - रोहित, दिबनीपुरवा
रोजी-रोटी का संकट है। फसल भी खराब हो गई है। परिवार के लिए रखा राशन भींगने से खराब हो गया है। सरकार से मदद की उम्मीद है। - आकाश, कटरी