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कानपुर: अनुदान घोटाले में दोषी नायब तहसीलदारों को मिली पदोन्नति, जानिए किसे कहां मिली तैनाती
Sat, 17 Jul 2021 03:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 17 Jul 2021 03:54 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घोटाले में दोषी पाए गए दो तत्कालीन नायब तहसीलदारों की पदोन्नति हो गई है। शासन ने शुक्रवार को इन्हें तहसीलदार बना दिया। हरदोई में तैनात नायब तहसीलदार अरसला नाज को केडीए में तहसीलदार बनाया गया है। कानपुर सदर तहसील में नायब तहसीलदार विराग करवरिया को तहसीलदार बनाकर उन्नाव भेजा गया है।
लेखपालों ने इसका विरोध किया है। कहा है कि इसी प्रकरण में 21 लेखपालों को निलंबित किया चुका है, जबकि दोषी अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। समाज कल्याण, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग विभाग की पारिवारिक लाभ व शादी अनुदान योजना में 2217 अपात्रों को योजना का लाभ पहुंचाया गया था।
7.26 करोड़ का अनुदान जांच अधिकारियों की मिलीभगत से लुटाया गया था। अपात्रों के आवेदनों की जांच में सत्यापन अधिकारी से लेकर उन्हें अनुमोदित करने वाले अधिकारी दोषी पाए गए थे। गलत सत्यापित आवेदन पत्रों को आगे बढ़ाने के मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार अरसला नाज और विराग करवरिया भी दोषी थे। जिलाधिकारी ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी।
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अब तक हुई कार्रवाई
समाज कल्याण अधिकारी, 21 लेखपाल, एक लेखाकार व एक पटल सहायिका को निलंबित किया जा चुका है। आठ कानूनगो के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल का तबादला कर दिया गया है।
इन पर नहीं हुई कार्रवाई
तत्कालीन एसडीएम अमित गुप्ता (अब एसीएम दो), नायब तहसीलदार अरसला नाज और विराग करवरिया (अब तहसीलदार)।
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लेखपालों ने इसका विरोध किया है। कहा है कि इसी प्रकरण में 21 लेखपालों को निलंबित किया चुका है, जबकि दोषी अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। समाज कल्याण, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग विभाग की पारिवारिक लाभ व शादी अनुदान योजना में 2217 अपात्रों को योजना का लाभ पहुंचाया गया था।
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7.26 करोड़ का अनुदान जांच अधिकारियों की मिलीभगत से लुटाया गया था। अपात्रों के आवेदनों की जांच में सत्यापन अधिकारी से लेकर उन्हें अनुमोदित करने वाले अधिकारी दोषी पाए गए थे। गलत सत्यापित आवेदन पत्रों को आगे बढ़ाने के मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार अरसला नाज और विराग करवरिया भी दोषी थे। जिलाधिकारी ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की थी।
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अब तक हुई कार्रवाई
समाज कल्याण अधिकारी, 21 लेखपाल, एक लेखाकार व एक पटल सहायिका को निलंबित किया जा चुका है। आठ कानूनगो के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल का तबादला कर दिया गया है।
इन पर नहीं हुई कार्रवाई
तत्कालीन एसडीएम अमित गुप्ता (अब एसीएम दो), नायब तहसीलदार अरसला नाज और विराग करवरिया (अब तहसीलदार)।