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नेपाल आपदा के चौंकाने वाले आंकड़े: तिब्बत में दो हजार फीट चौड़ा ग्लेशियर टूटा, नदी में आई 100 मीटर ऊंची बाढ़
Thu, 27 Aug 2026 10:31 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / काठमांडू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली / काठमांडू
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:31 AM IST
सार
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ के बाद देश में हालात भयावह हैं। कई इलाके पूरी तरह मलबे में दबे हुए हैं। नेपाल सरकार के अनुसार, भूकंप के कुछ ही मिनट बाद बाढ़ आई। इस त्रासदी में भारत के कई राज्यों के नागरिक प्रभावित हुए हैं। इसके बाद राज्यों ने अपने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।
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नेपाल में बाढ़ से त्रासदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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नेपाल में बीते दिन आई बाढ़ ने देश में भीषण तबाही मचाई है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि बुधवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार 8.37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद बाढ़ की सूचना मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट यानी हिमनद झील फटने की घटना हुई हो, जिससे अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया। इस बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सड़कें और पुल बह गए हैं, घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है तथा कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार और आवागमन की व्यवस्था ठप होने के कारण प्रशासन के लिए लोगों की सही स्थिति और संख्या का पता लगाना अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नेपाल में बाढ़ से त्रासदी
- फोटो : ANI
नेपाल में अचानक आए भीषण बाढ़ के बाद भारत के कई राज्यों के लोग वहां फंस गए हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी बाढ़ के बाद लापता बताया जा रहा है। वहीं, केरल के 37 पर्यटक नेपाल में फंसे हैं, जबकि कर्नाटक समेत कई राज्यों की सरकारों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं।
कोलकाता का 32 सदस्यीय दल संपर्क से बाहर
कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हो गया। दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। यह दल 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, दल बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे रसुवागढ़ी पहुंचा था। यहां उसे नेपाल-तिब्बत सीमा पार कर तिब्बत जाना था। दल के सदस्य इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे, तभी इलाके में अचानक बाढ़ आ गई।
बाढ़ आने के बाद से दल के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बुरी तरह बाधित है और मौके तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल है। टूर एजेंसी के प्रतिनिधि दिव्य ज्योति बसु ने बताया कि दल के दोनों मैनेजर जयंत सान्याल और नृपेन सरकार के मोबाइल में रोमिंग की सुविधा थी। उनसे आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे संपर्क हुआ था। कुछ पर्यटकों ने इसी दौरान फेसबुक पर लाइव भी किया था। इसके बाद सभी से संपर्क टूट गया। टूर एजेंसी के मुताबिक, नेपाल में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी ने प्रभावित इलाके में एक हेलीकॉप्टर भी भेजा है।
कोलकाता का 32 सदस्यीय दल संपर्क से बाहर
कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हो गया। दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। यह दल 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, दल बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे रसुवागढ़ी पहुंचा था। यहां उसे नेपाल-तिब्बत सीमा पार कर तिब्बत जाना था। दल के सदस्य इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे, तभी इलाके में अचानक बाढ़ आ गई।
बाढ़ आने के बाद से दल के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बुरी तरह बाधित है और मौके तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल है। टूर एजेंसी के प्रतिनिधि दिव्य ज्योति बसु ने बताया कि दल के दोनों मैनेजर जयंत सान्याल और नृपेन सरकार के मोबाइल में रोमिंग की सुविधा थी। उनसे आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे संपर्क हुआ था। कुछ पर्यटकों ने इसी दौरान फेसबुक पर लाइव भी किया था। इसके बाद सभी से संपर्क टूट गया। टूर एजेंसी के मुताबिक, नेपाल में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी ने प्रभावित इलाके में एक हेलीकॉप्टर भी भेजा है।
नेपाल में बाढ़ से त्रासदी
- फोटो : ANI
पश्चिम बंगाल सरकार ने हेल्पलाइन शुरू की
पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि वह नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, कामगारों और कारोबारियों की स्थिति पर नजर रख रही है। राज्य सरकार भारतीय दूतावास और नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के कुछ लोग भी नेपाल में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों की मदद के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग 033-24793311 और 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं। कोलकाता पुलिस की ओर से 18003455678 और व्हाट्सऐप नंबर 9874902880 भी जारी किया गया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि वह नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, कामगारों और कारोबारियों की स्थिति पर नजर रख रही है। राज्य सरकार भारतीय दूतावास और नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के कुछ लोग भी नेपाल में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों की मदद के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग 033-24793311 और 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं। कोलकाता पुलिस की ओर से 18003455678 और व्हाट्सऐप नंबर 9874902880 भी जारी किया गया है।
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नेपाल में बाढ़ से त्रासदी
- फोटो : ANI
केरल के 37 पर्यटक सुरक्षित, नेपाल में फंसे
केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र के 37 लोग भी नेपाल में फंसे हुए हैं। पय्यानूर के विधायक वी. कुन्हीकृष्णन ने बताया कि ये सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं और नेपाल से वापस भी नहीं लौट सकते। विधायक के अनुसार, उन्होंने सभी 37 पर्यटकों के मौजूदा स्थान और फोन नंबर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है। विधायक ने कहा कि सभी पर्यटकों से बात हो चुकी है और उनके परिवारों को भी जानकारी दे दी गई है। इसलिए परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। केरल सरकार ने भी पर्यटकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 9447111844 और 9737132147 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र के 37 लोग भी नेपाल में फंसे हुए हैं। पय्यानूर के विधायक वी. कुन्हीकृष्णन ने बताया कि ये सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं और नेपाल से वापस भी नहीं लौट सकते। विधायक के अनुसार, उन्होंने सभी 37 पर्यटकों के मौजूदा स्थान और फोन नंबर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है। विधायक ने कहा कि सभी पर्यटकों से बात हो चुकी है और उनके परिवारों को भी जानकारी दे दी गई है। इसलिए परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। केरल सरकार ने भी पर्यटकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 9447111844 और 9737132147 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
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नेपाल में बाढ़ से त्रासदी
- फोटो : ANI
कर्नाटक ने भी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की
कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में फंसे राज्य के लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग टूर ऑपरेटरों, परिजनों और फंसे हुए लोगों से उनकी जानकारी साझा करने को कह रहा है, ताकि बचाव और सुरक्षित निकासी के लिए केंद्र सरकार और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय किया जा सके। कर्नाटक के लोग 1070 या 080-22253707 पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में फंसे राज्य के लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग टूर ऑपरेटरों, परिजनों और फंसे हुए लोगों से उनकी जानकारी साझा करने को कह रहा है, ताकि बचाव और सुरक्षित निकासी के लिए केंद्र सरकार और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय किया जा सके। कर्नाटक के लोग 1070 या 080-22253707 पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।