Kanpur Metro: चुन्नीगंज भूमिगत मेट्रो रेल निर्माण का रास्ता साफ, दोनों विभागों की लगेगी मुहर
कपड़ा मंत्रालय से बीआईसी की जमीन मेट्रो को देने की बात बन गई है। साथ ही, लाल इमली से भूमिगत रेलवे स्टेशन तक रास्ते के लिए जमीन भी मिल जाएगी। इस संबंध में दोनों विभागों के बीच इस सप्ताह ही मुहर लगेगी।
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मकरावटगंज के पास मेट्रो के भूमिगत चुन्नीगंज रेलवे स्टेशन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बीआईसी की जमीन मेट्रो को हस्तांतरित करने को लेकर कपड़ा मंत्रालय के साथ लंबे समय से वार्ता चल रही थी। मंत्रालय की तरफ से कहा जा रहा है कि दोनों के बीच जमीन को लेकर सहमति बन गई है। एक सप्ताह के अंदर सभी तरह की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस फैसले से मेट्रो रेल की कनेक्टिविटी में आ रही बाधा दूर हो गई है।
बीआईसी की जमीन नहीं मिलने की वजह से मेट्रो रेल प्रबंधन को मकरावटगंज के पास चुन्नीगंज भूमिगत स्टेशन का निर्माण छोड़कर उसके आगे नवीन मार्केट में भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निर्माण शुरू करना पड़ा था। अब जमीन मिल जाने से जल्द ही यहां भी भूमिगत स्टेशन का काम शुरू हो जाएगा। इसी तरह लाल इमली से मकरावटगंज के बीच करीब 500 मीटर रास्ते के लिए भी जमीन देने पर दोनों विभागों के बीच बातचीत हो चुकी है।
इसके लिए लाल इमली के ऑफिसर्स बंगले के कुछ हिस्से को चुन्नीगंज भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक रास्ते के रूप में प्रयोग में लाया जाएगा। इस फैसले से मेट्रो रेल निर्माण का काम और तेज हो सकेगा। इस बीच मेट्रो प्रबंधन की तरफ से भी बताया गया कि बीआईसी की जमीनों को लेकर कपड़ा मंत्रालय से चल रही वार्ता काफी सकारात्मक है। कुछ ही दिनों में इस पर फैसला हो जाएगा और काम भी शुरू हो जाएगा।
23 किमी में सात भूमिगत स्टेशन
शहर में बिछाई जा रही मेट्रो रेल लाइन की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। 23 में से सात स्टेशन भूमिगत बनाए जा रहे हैं। जहां-जहां भूमिगत स्टेशन बनेंगे उसमें चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज, सेंट्रल स्टेशन, झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर शामिल है।
दिसंबर 2024 में पूरी होनी है परियोजना
महानगर में मेट्रो रेल का पूरा काम दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेट्रो रेल प्रबंधन के अनुसार जिस तरह से पहले फेज का काम तय समय में हुआ है। उसी तरह से बाकी फेज के काम भी करने का प्रयास किया जा रहा है।