अधिवक्ता सम्मलेन: कानपुर में वकीलों का बड़ा ऐलान, राष्ट्रीय लोक अदालत का करेंगे बहिष्कार
Kanpur News: अधिवक्ताओं के प्रांतीय सम्मेलन के दूसरे दिन कानपुर के वकीलों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। साथ ही प्रदेशभर के बार संघों से भी राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार की अपील की गई।
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बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों अधिवक्ता पहुंचे। अधिवक्ताओं के दो दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार के चलते अदालतों में सन्नाटा पसरा रहा। दूर-दराज से मुकदमों की सुनवाई के लिए पहुंचे वादकारियों को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा।
अधिवक्ताओं के विरोध का असर रजिस्ट्री कार्यालय के कामकाज पर भी पड़ा। कुछ अधिवक्ता रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए काम बंद करा दिया। इससे रजिस्ट्री कराने आए लोगों को भी वापस लौटना पड़ा। स्टांप वेंडर और फोटोकॉपी की दुकानें भी बंद रहीं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार का ऐलान
सम्मेलन में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन देने, वकीलों से जुड़े मुकदमों को गैर जनपद स्थानांतरित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने और हड़ताल की अंडरटेकिंग नहीं देने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इन मुद्दों पर आम सहमति से प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही गई।
शुक्रवार को सम्मेलन के तीसरे चरण की शुरुआत हुई। इससे पहले गुरुवार को सम्मेलन के दो चरण पूरे हो चुके थे। शुक्रवार सुबह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी, महामंत्री बिनय मिश्रा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा और महामंत्री राजीव यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। संचालन बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा ने किया।
कई जिलों से पहुंचे सैकड़ों अधिवक्ता
सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अधिवक्ताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। गोरखपुर, गाजीपुर, संत कबीर नगर, हरदोई, आजमगढ़, रामपुर, बिल्हौर, लालगंज, प्रतापगढ़, कानपुर देहात, महोबा, प्रयागराज, डेरापुर, कौशांबी, रायबरेली, गाजियाबाद, हापुड़ और इटावा समेत कई स्थानों से अधिवक्ता पहुंचे।
रायबरेली से दो दर्जन से अधिक अधिवक्ता सम्मेलन में शामिल होने कानपुर पहुंचे। बाहर के जिलों से आए अधिवक्ताओं का बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया और उन्हें मंच पर स्थान दिया।
विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों ने सम्मेलन में अपने विचार रखे। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सम्मेलन में पारित होने वाले प्रस्तावों के आधार पर आगामी रणनीति तय की जाएगी।