UP: 8.30 करोड़ की जमानत पर छूटेगी 'सुपरकार', लैंबोर्गिनी रिलीज करने के आदेश; सीजेएम कोर्ट ने लगाईं कड़ी शर्तें
Kanpur News: सीजेएम कोर्ट ने कानपुर के वीआईपी रोड हादसे में शामिल लैंबोर्गिनी कार को 8.30 करोड़ रुपये की जमानत पर रिलीज करने के आदेश दिए हैं। कार मालिक पर वाहन बेचने या उसका रंग बदलने जैसी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।
विस्तार
कानपुर में वीआईपी रोड पर लैंबोर्गिनी कार से हुई दुर्घटना के मामले में सीजेएम सूरज मिश्रा ने 20 दिन से थाने में खड़ी कार को वापस मालिक को देने संबंधी अर्जी को स्वीकार कर लिया है। कार को रिलीज कराने के लिए कोर्ट में आठ करोड़ तीस लाख रुपये की एक जमानत और अंडरटेकिंग देनी होगी।
तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लैंबोर्गिनी कार से सात फरवरी को वीआईपी रोड पर हुई दुर्घटना के बाद ग्वालटोली पुलिस ने कार को थाने में खड़ा करा लिया था। शिवम की ओर से कार चालक मोहन एम. के दुर्घटना की बात कहते हुए कोर्ट में समर्पण अर्जी दाखिल की गई थी. लेकिन पुलिस ने शिवम के कार चलाने की बात कहते हुए रिपोर्ट कोर्ट भेजी थी।
शिवम की हो गई थी रिहाई
इस पर कोर्ट ने मोहन की समर्पण अर्जी खारिज कर दी थी। अगले दिन पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था और न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तकनीकी आधार पर पुलिस की यह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद शिवम की रिहाई हो गई थी। शिवम की ओर से थाने में खड़ी लैंबोर्गिनी कार को वापस दिलाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी।
फाइल स्थानांतरित होकर सीजेएम कोर्ट में पहुंच गई
इस पर कोर्ट ने कार की तकनीकी परीक्षण व पुलिस रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच फाइल स्थानांतरित होकर सीजेएम कोर्ट में पहुंच गई। शिवम की ओर से सुनील कुमार के नाम पर एक अटार्नी बनाकर दे दी गई थी। इस पर सुनील ने कार वापस कराने के लिए कोर्ट में पैरवी की। रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल हो जाने पर कोर्ट ने शर्तों के साथ कार रिलीज करने के आदेश कर दिए हैं।
कोर्ट ने लगाईं यह शर्तें
- वाहन स्वामी कार को न तो बेच सकेगा और न ही हस्तांतरित कर सकेगा।
- वाहन के रंग, इंजन व चेचिस नंबर में बदलाव नहीं करेगा।
- कोर्ट या विवेचक जब भी वाहन मंगवाएगा अपने खर्च पर लाना होगा।
- शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत राशि 8.30 करोड़ रुपये जमा करने होंगे।
- सत्यापन में जमानत में कमी पर दूसरी जमानत दाखिल करनी होगी।