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Kanpur: निलंबन के विरोध में केडीए कर्मियों ने पांच घंटे नहीं किया काम, किया हंगामा
Tue, 01 Jul 2025 11:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:39 PM IST
सार
Kanpur News: निलंबित लिपिक को बहाल करने की मांग कर केडीए कर्मियों ने पांच घंटे हंगामा किया। कर्मचारी नेताओं के समझाने पर लौटे।
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केडीए कर्मियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक सप्ताह में दो लिपिकों के निलंबन के विरोध में मंगलवार को केडीए कर्मी लामबंद हो गए। कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। कर्मचारी निलंबित लिपिक को बहाल करने और ओएसडी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। केडीए उपाध्यक्ष के आश्वासन पर भी कर्मचारी शांत नहीं हुए और दिनभर काम ठप रखा।
मंगलवार सुबह कार्यालय खुलने के बाद लिपिकों के निलंबन को लेकर कर्मचारियों में बहस होने लगी। कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रथम तल पर सभी कर्मचारी एकत्र हुए और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया और नारेबाजी करते हुए गैलरी में एकत्र हो गए। कर्मचारियों ने बैनर लगाकर कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और वहीं बैठ गए। आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने ओएसडी के नाम से शिकायत की थी जबकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए बिना जांच के ही लिपिक अतुल सोनकर को निलंबित कर दिया गया।
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मंगलवार सुबह कार्यालय खुलने के बाद लिपिकों के निलंबन को लेकर कर्मचारियों में बहस होने लगी। कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रथम तल पर सभी कर्मचारी एकत्र हुए और कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया और नारेबाजी करते हुए गैलरी में एकत्र हो गए। कर्मचारियों ने बैनर लगाकर कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी और वहीं बैठ गए। आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने ओएसडी के नाम से शिकायत की थी जबकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए बिना जांच के ही लिपिक अतुल सोनकर को निलंबित कर दिया गया।
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केडीए कर्मियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कानपुर विकास प्राधिकरण कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल से मिलने उनके कक्ष में गए। उपाध्यक्ष ने निलंबित किए गए लिपिकों की जांच करा उन्हें जल्द बहाल किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कर्मचारी लिखित आश्वासन देने की बात कहते हुए हंगामा करते रहे। कर्मचारी नेताओं के समझाने पर कर्मचारी शांत हुए और कार्य पर लौटे।
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केडीए कर्मियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान केडीए संयुक्त मोर्चा की ओर से संरक्षक प्रदीप कुमार पांडेय, अध्यक्ष धीरज कुमार, नीरज दीक्षित, महिला मोर्चा की संयोजक विनीता तिवारी, महामंत्री दिनेश बाजपेयी, नीरज मेहरोत्रा, संजय वर्मा, मनोज रक्सेल, संजय खरवार, सुरेश यादव, रितेश यादव, संजय कुमार, मंजू पाल, लेखनी सचान, रेखा यादव, शायरा बानो आदि मौजूद रहे।
केडीए कर्मियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
मायूस होकर लौटे फरियादी
बर्रा के रहने वाले सूरज अपने भवन की रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी लेने केडीए पहुंचे तो पता चला कि कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर है। काफी देर भटकने के बाद वह लौट गए। ऐसे ही कई और फरियादी भी मायूस होकर लौट गए। केडीए कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे से कार्य बहिष्कार किया जो शाम करीब चार बजे तक चला। पांच घंटे तक केडीए में कोई काम नहीं हुआ।
बर्रा के रहने वाले सूरज अपने भवन की रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी लेने केडीए पहुंचे तो पता चला कि कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर है। काफी देर भटकने के बाद वह लौट गए। ऐसे ही कई और फरियादी भी मायूस होकर लौट गए। केडीए कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे से कार्य बहिष्कार किया जो शाम करीब चार बजे तक चला। पांच घंटे तक केडीए में कोई काम नहीं हुआ।
केडीए कर्मियों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
27 जून को नीरज गुप्ता ने जिलाधिकारी को 30 हजार रुपये के चेक के साथ प्रार्थना-पत्र देकर लिपिक पर घूस मांगने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर केडीए उपाध्यक्ष ने जोन-3 के योजना लिपिक अतुल सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार को सौंपी थी। चार दिन पहले केडीए उपाध्यक्ष ने डेढ़ लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में बाबू विकास भारती को भी निलंबित किया था।
27 जून को नीरज गुप्ता ने जिलाधिकारी को 30 हजार रुपये के चेक के साथ प्रार्थना-पत्र देकर लिपिक पर घूस मांगने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर केडीए उपाध्यक्ष ने जोन-3 के योजना लिपिक अतुल सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार को सौंपी थी। चार दिन पहले केडीए उपाध्यक्ष ने डेढ़ लाख रुपये घूस मांगने के आरोप में बाबू विकास भारती को भी निलंबित किया था।
कर्मचारी नेताओं और आरोपी लिपिकों की बात सुनी गई। जांच अधिकारियों से कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों के हितों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।- अभय पांडेय, सचिव केडीए