कानपुर: सेंट्रल बैंक के लॉकर से फिर 30 लाख के जेवर गायब, बैंक मैनेजर, लॉकर इंचार्ज हटाए गए, एक महीने के भीतर तीसरा मामला
सेंट्रल बैंक के लॉकर से फिर 30 लाख के जेवर गायब हो गए। बैंक के उच्चाधिकारी ने तीसरी घटना होने के बाद कराची खाना शाखा के मैनेजर राम प्रसाद व लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय को हटा दिया गया है। इन दोनों पर नामजद एफआईआर भी है।
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कानपुर में सेंट्रल बैंक की कराची खाना शाखा के एक और लॉकर से 30 लाख रुपये के जेवरात गायब हो गए। ग्राहक जब सोमवार को लॉकर चेक करने पहुंचा तब इसका खुलासा हुआ। फीलखाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
एक महीने के भीतर इसी बैंक की इसी शाखा की यह तीसरी घटना है। अब स्पष्ट हो गया है कि इसमें बैंक कर्मियों की बड़ी भूमिका है। बैंक प्रबंधन ने शाखा मैनेजर राम प्रसाद और लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय को हटा दिया है। पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया है।
कोहना रानीघाट निवासी देवकी नंदन पोद्दार व उनकी पत्नी शकुंतला का सेंट्रल बैंक की कराची खाना शाखा में ज्वाइंट एकाउंट है। बैंक में ही उन्होंने 511 नंबर लॉकर भी लिया था। दंपती ने बताया कि लॉकर में करीब 30 लाख रुपये के जेवरात रखे हुए थे।
आखिरी बार फरवरी 2020 में लॉकर चेक किया था, जेवरात रखे थे। उसके बाद सोमवार को दंपती बैंक पहुंचा और जब लॉकर खोलने का प्रयास किया तो वह नहीं खुला। बैंक कर्मियों को जानकारी दी। लॉकर कंपनी के कर्मचारी की मदद से लॉकर खोल सका। दंपती के अनुसार लॉकर में एक भी जेवरात नहीं थे।
तो लॉकरों से गायब किए गए जेवरात
इससेपहले मंजू भट्टाचार्या के लॉकर से 30 लाख व सीमा गुप्ता के लॉकर से 20 लाख के जेवरात गायब हो चुके हैं। पहला केस 14 मार्च को दर्ज कराया गया था और दूसरा केस तीन दिन पहले पुलिस ने दर्ज किया है। दोनों मामलों में जब फोरेंसिक टीम ने जांच की तो लॉकर की रिपिट निकली मिली थी। वहीं आसानी से ये लॉकर ग्राहक नहीं खोल पाए थे। तीनों ग्राहक कंपनी के कर्मचारियों की मदद से ही लॉकर खुलवा सके थे। यानी एक तरह से सभी में गड़बड़ी कर जेवरात पार किए गए।
बैंक के ग्राहकों में मची खलबली
तीन मामले उजागर होने के बाद लॉकरों के ग्राहक सेंट्रल बैंक की कराची खाना शाखा पहुंचने लगे हैं। हर एक को आशंका है कि कहीं उनके लॉकर से जेवरात गायब तो नहीं हो गए। बैंक के ग्राहक अब परेशान हो गए हैं। यही वजह है कि पहला मामला दर्ज होने के बाद दो और मामले उजागर हुए।
दो पर गिरी गाज, एसआईटी करेगी जांच
बैंक के उच्चाधिकारी ने तीसरी घटना होने के बाद कराची खाना शाखा के मैनेजर राम प्रसाद व लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय को हटा दिया गया है। इन दोनों पर नामजद एफआईआर भी है। शुभम फरार चल रहा है। इसलिए सबसे अधिक शक उसी पर है। उसी तलाश जारी है। जांच के लिए एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।
किराना कारोबारी पंकज कुमार गुप्ता भी सोमवार शाम बैंक पहुंचे। उन्होंने अपना लॉकर खोलने का प्रयास किया तो नहीं खुला। उन्होंने बैंक प्रबंधन व पुलिस से शिकायत की है। जिसके बाद उनको मंगलवार सुबह बैंक में बुलाया गया है। पंकज के मुताबिक उनके लॉकर में भी करीब बीस लाख के जेवरात रखे हैं।
मामला बेहद गंभीर है। जिस तरह से एक के बाद एक अब तक तीन मामले सामने आए हैं, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसलिए इस संबंध में डीसीपी पूर्वी को निर्देशित किया गया है कि गहनता से छानबीन कर सख्त कार्रवाई करें। जो दोषी होगा वह जेल जाएगा।- आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था