कानपुर आईआईटी के सहायक कुलसचिव ने फांसी लगा जान दी, परिजनों का दावा, डिप्रेशन की वजह से की आत्महत्या
आईआईटी में सहायक कुलसचिव के पद पर तैनात सुरजीत दास ने अपने आवास पर ही फांसी लगाकर जान दे दी। वह कैंपस में अपनी पत्नी बुलबुल दास के साथ रहते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आईआईटी प्रशासन अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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हालांकि परिजनों ने डिप्रेशन की वजह से खुदकुशी करने की बात कही है। मूलरूप से असम के रहने वाले सुरजीत दास 2015 से आईआईटी में सहायक कुलसचिव थे। परिवार में उनकी पत्नी बुलबुल और दो बेटे सौम्यजीत व शोभित हैं। आईआईटी परिसर स्थित टाइप-3 में परिवार समेत रहते थे।
बुलबुल के मुताबिक सोमवार रात को खाना खाने के बाद सुरजीत अपने कमरे में चले गए थे। सुबह काफी देर तक जब बाहर नहीं आए तो करीब नौ बजे वह खुद कमरे में गई। देखा कि चादर के फंदे से सुरजीत का शव लटक रहा था। उन्होंने तुरंत पुलिस और आईआईटी प्रशासन को जानकारी दी।
एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि छानबीन जारी है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फोन की जांच की जा रही है। परिजनों ने बताया कि सुरजीत कई वर्षों से डिप्रेशन में थे। जांच में कोई अहम तथ्य मिलता है तो उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
बुलबुल ने बताया कि सोमवार देर रात करीब दो बजे वह सुरजीत के कमरे में गई थी। तब सब कुछ ठीक था। सुरजीत सो रहे थे। इसके कुछ ही घंटे बाद सुरजीत ने आत्महत्या कर ली। पुलिस और फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। पड़ोसियों व परिजनों से भी पूछताछ की। इसमें भी ड्रिपेशन की बात सामने आई है।
कहीं कोई और वजह तो नहीं
सुरजीत आईआईटी में एक बड़े पद पर कार्यरत थे। परिवार में सब कुछ सामान्य है। ऐसे में आत्महत्या करना आसानी से गले नहीं उतर रहा है। इस वजह से पुलिस कई अन्य बिंदुओं पर भी तफ्तीश कर रही है। पुलिस पता कर रही है कि खुदकुशी के पीछे कोई और वजह तो नहीं है।
फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुदकुशी की पुष्टि हुई है। फिलहाल परिजनों ने आत्महत्या के पीछे डिप्रेशन बताया है। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। हर एक पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
संजीव त्यागी, डीसीपी पश्चिम