Kanpur: ICAI का फाइनेंशियल प्रैक्टिसेस पर जागरूकता कार्यक्रम, वक्ता बोले- ऑडिट में नियमों का पालन है अनिवार्य
Kanpur News: आईसीएआई ने वित्तीय रिपोर्टिंग प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सीए विशाल दोशी ने ऑडिट नियमों के पालन और फॉर्म 3सीडी व यूडीआईएन के महत्व पर जोर दिया, ताकि वित्तीय रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारी जा सके।
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कानपुर में द इंस्टीट्यूट ऑ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की ओर से शुक्रवार को लखनपुर स्थित सभागर में "वित्तीय रिपोर्टिंग प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय रिपोर्टिंग में आम त्रुटियों की पहचान, नियामकीय आवश्यकताओं की समझ, वित्तीय रिपोर्टिंग शासन की गुणवत्ता में सुधार तथा वास्तविक मामलों का विश्लेषण करने में सक्षम बनाना था।
सीए विशाल दोशी ने बताया कि बोर्ड किस प्रकार से वित्तीय वक्तव्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करता है। सदस्यों को लेखांकन मानकों के अनुपालन हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने आमतौर पर पाई जाने वाली अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स की अनुपालन त्रुटियों के उदाहरण साझा करते हुए उनके निवारण हेतु सुझाव भी दिए। उन्होंने बताया की फॉर्म 3 सीडी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। जिसे क्लाइंट को भरकर अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को ऑडिट के लिए देना होता है।
हर ऑडिट केस में यूडीआईएन बनाना अनिवार्य
इसमें बैलेंस शीट, नोट्स टू अकाउंट्स और अनुसूचियां जैसी जानकारी शामिल होती है। इसके आधार पर सीए द्वारा ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाती है। हर ऑडिट केस में यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, जब सीए आई डी जनरेट करता है, तो उसे अपनी राय देना भी जरूरी होता है। इस मौके पर सीए अंकुर गोयल,मनु अग्रवाल, दीप कुमार मिश्र, अनिल के. सक्सेना, जेपीएस भाटिया, नवल कपूर, अतुल मेहता, ऋचा अग्रवाल, सीए कुशल, नताशा जैसवाल आदि थे।