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कानपुर: केमिकल रिएक्शन से फैक्टरी में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान
Wed, 18 May 2022 10:49 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 May 2022 10:49 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
कानपुर में दादानगर साइट नंबर पांच में मंगलवार देर रात प्रिंटिंग व पैकेजिंग फैक्टरी में केमिकल रिएक्शन से भीषण आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल की 20 गाड़ियों ने 10 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्वरूप नगर रतन प्रेसिडेंट अपार्टमेंट में रहने वाले विकास अग्रवाल की अग्रवाल फ्लेक्सी व पैकर्स के नाम से फैक्टरी है।
मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे फैक्टरी के पीछे के हिस्से में केमिकल रिएक्शन से धमाके के साथ आग लग गई। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। कुछ ही देर में आग ने पूरी फैक्टरी को चपेट में ले लिया। सभी कर्मचारी शोर मचाते हुए बाहर भागे।
सूचना पर गोविंद नगर थाना पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग इतनी भीषण थी कि आसपास की फैक्ट्रियों और घरों में भी धुआं भर गया। लोगों का दम घुटने लगा तो अपने घरों और फैक्ट्रियों से बाहर निकल आए। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में फैक्टरी मालिक को लाखों के नुकसान का आकलन है।
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मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे फैक्टरी के पीछे के हिस्से में केमिकल रिएक्शन से धमाके के साथ आग लग गई। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। कुछ ही देर में आग ने पूरी फैक्टरी को चपेट में ले लिया। सभी कर्मचारी शोर मचाते हुए बाहर भागे।
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सूचना पर गोविंद नगर थाना पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग इतनी भीषण थी कि आसपास की फैक्ट्रियों और घरों में भी धुआं भर गया। लोगों का दम घुटने लगा तो अपने घरों और फैक्ट्रियों से बाहर निकल आए। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में फैक्टरी मालिक को लाखों के नुकसान का आकलन है।
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25 कर्मचारियों की जान पर बनी
हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 25 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनकी जान पर बन आई। कर्मचारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि आग लगते ही सभी कर्मचारियों को सबसे पहले बार निकाला गया। फैक्टरी के दाईं ओर खाली प्लाट होने से आग आगे नहीं बढ़ सकी। लोगों का कहना था कि यदि हवा का रुख बायीं ओर होता तो दूसरी फैक्ट्रियां भी जलकर राख हो जातीं।
पानी डालते ही और भड़की आग
अग्निशमन कर्मियों ने जैसे ही फैक्टरी के अंदर पानी की बौछार मारी तो केमिकल के संपर्क में आते ही तेज आवाज के साथ आग की लपटें और ऊंची उठने लगीं। इस पर कर्मचारियों ने फोम की मदद से घंटों बाद आग पर काबू पाया।
हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 25 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनकी जान पर बन आई। कर्मचारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि आग लगते ही सभी कर्मचारियों को सबसे पहले बार निकाला गया। फैक्टरी के दाईं ओर खाली प्लाट होने से आग आगे नहीं बढ़ सकी। लोगों का कहना था कि यदि हवा का रुख बायीं ओर होता तो दूसरी फैक्ट्रियां भी जलकर राख हो जातीं।
पानी डालते ही और भड़की आग
अग्निशमन कर्मियों ने जैसे ही फैक्टरी के अंदर पानी की बौछार मारी तो केमिकल के संपर्क में आते ही तेज आवाज के साथ आग की लपटें और ऊंची उठने लगीं। इस पर कर्मचारियों ने फोम की मदद से घंटों बाद आग पर काबू पाया।