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कानपुर: पांच घंटे हाथ में टांगे रहे ग्लूकोज बोतल, फिर रोगी लेकर भागे, बोले सरकारी अस्पताल जाने में लगता है डर

Fri, 17 Sep 2021 12:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 17 Sep 2021 12:28 PM IST
सार

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद गुरुवार शाम को स्वास्थ्यकर्मियों ने कुरसौली गांव में मच्छर भगाने के लिए कॉइल बांटी। कॉइल के डिब्बे उन्हीं घरों में दिए गए हैं, जहां लोग बीमार हैं। हालांकि लोगों ने फॉगिंग कराने की मांग की। 

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Kanpur: Glucose bottle hang in hand for five hours, then ran away with patient, said there is fear in going to government hospital
ग्रामीण का हाल पूछते डीएम कानपुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के कुरसौली वालों ने अधिकारियों को सरकारी चिकित्सीय व्यवस्था का आइना दिखा दिया। गुरुवार को सीडीओ के साथ कुरसौली पहुंचे सीएमओ ने जब मिलन प्रजापति से पूछा कि उसने अपनी पत्नी कीर्ति को हैलट या उर्सला में भर्ती क्यों नहीं कराया? इस पर बताया कि 31 अगस्त को मामी लक्ष्मी प्रजापति को वे शाम छह बजे हैलट लेकर गए।
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रोगी को इमरजेंसी बेड पर लिटा दिया गया। ग्लूकोज की बोतल लगी लेकिन रात 11 बजे तक बेड नहीं मिला। हालत बिगड़ी तो कुलवंती लेकर भागे लेकिन पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। मिलन ने यह भी बताया कि हैलट इमरजेंसी में वीगो लगाने के बाद बोतल उनके हाथ में पकड़ा दी गई। वे और रिश्तेदार पांच घंटे तक हाथ में ही बोतल पकड़े रहे।
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मिलन ने कहा कि इसी वजह से साहब पत्नी को किसी सरकारी अस्पताल लेकर नहीं गया। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह यह सुनकर चुुप हो गए। गांव की तन्नू (14) के साथ भी यही हुआ था। चार घंटे बाद भी बेड नहीं मिला तो परिजन निजी अस्पताल भागे। उसकी भी अस्पताल पहुंचने के पहले मौत हो गई थी।
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कुरसौली में मच्छर भगाने के लिए कॉइल बांटी
सीडीओ और सीएमओ के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का ध्यान कुरसौली की तरफ गया है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद गुरुवार शाम को स्वास्थ्यकर्मियों ने कुरसौली गांव में मच्छर भगाने के लिए कॉइल बांटी। कॉइल के डिब्बे उन्हीं घरों में दिए गए हैं, जहां लोग बीमार हैं। हालांकि लोगों ने फॉगिंग कराने की मांग की। 

आशा नियुक्त करने के आदेश, अस्पताल भी पहुंचे सीएमओ
कुरसौली गांव पहुंचे सीडीओ को जब पता चला कि इस वक्त गांव में कोई आशा कार्यकर्ता नहीं तो तुरंत नियुक्ति के निर्देश दिए। कुरसौली गांव की आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी गौतम की बुखार से मौत हो चुकी है। वहीं सीएमओ ने गांव के लोगों की खैरखबर लेने के बाद दो अस्पतालों में जाकर मरीजों के संबंध में जानकारी ली। 


ग्राम प्रधान का भर आया गला
कुरसौली के ग्राम प्रधान अमित सिंह का अधिकारियों के सामने गला भर आया। बोले कि गांव की हालत देखकर रोना आता है। उनकी चाची, भाई, बहन सब अस्पताल में भर्ती हैं। घरों में ताले पड़े हैं। रातभर गांव के लड़कों की टोली के साथ आवाज लगाता हूं, जिससे लोगों को ढाढ़स बंधी रहे और चोरी आदि न हों। 
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