Kanpur: छोटे सिलिंडर में दोगुने दाम पर मिल रही गैस, मजदूरों और मध्यम वर्ग पर बढ़ा बोझ, कंपनियों ने बढ़ाई सप्लाई
Kanpur News: कानपुर में घरेलू गैस सिलिंडर की 45 दिनों की वेटिंग के कारण लोग पांच किलो वाले महंगे एफटीएल सिलिंडर लेने को मजबूर हैं। तेल कंपनियों द्वारा छोटे सिलिंडरों को बढ़ावा देने से गरीब और मध्यम वर्ग को दोगुनी कीमत पर गैस खरीदनी पड़ रही है।
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कानपुर में रसोई गैस की किल्लत झेल रहे लोगों की मुश्किलें कम हर दिन बढ़ती जा रही है। अब तेल कंपनियों ने पांच किलो के छोटे फ्री ट्रेड एलपीजी सिलिंडर को बढ़ावा देकर लोगों की जेब ढीली करने का नया रास्ता निकाला है। इन सिलिंडरों में लोगों को दोगुने दाम पर गैस खरीदनी पड़ रही है। कनेक्शनधारकों को 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलिंडर मिलने में 40 से 45 दिन तक लग रहे हैं।
किराएदार, मजदूर और शहर में रह रहे बाहरी लोग ब्लैक में 2500 से 3000 रुपये में सिलिंडर खरीद रहे हैं। किल्लत के बीच गैस कंपनियों ने छोटे सिलिंडर की बिक्री शुरू की है। गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और अधिकृत दुकानों पर इन्हें बेचा जा रहा है। सिर्फ आधार कार्ड की कॉपी जमा कर कोई भी व्यक्ति आसानी से कनेक्शन ले सकता है। कंपनियों ने एजेंसियों में इन सिलिंडरों की सप्लाई भी बढ़ा दी है। एफटीएल सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को कनेक्शन के नाम पर 1541 रुपये देने पड़ते हैं।
छोटे सिलिंडरों को बनाया जा रहा है मुख्य विकल्प
633 रुपये में मिलने वाले इस सिलिंडर में गैस लगभग दोगुनी कीमत पर मिल रही है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गैस की कमी के बीच कालाबाजारी चरम पर है। छोटे सिलिंडर से खाना बनाने वालों को 400 रुपये प्रति किलो गैस खरीदनी पड़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंदों पर पड़ रहा है। इंडियन ऑयल का छोटू, भारत पेट्रोलियम का भारत गैस मिनी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का अणु नाम के छोटे सिलिंडरों को मुख्य विकल्प बनाया जा रहा है।