{"_id":"60ea8ceb0c0bbd4d4978e69b","slug":"kanpur-former-village-head-kidnapped-for-interference-in-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: चुनाव में हस्तक्षेप पर पूर्व प्रधान का अपहरण, धमकी देकर छोड़ा, पुलिस बोली, घटना संदिग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: चुनाव में हस्तक्षेप पर पूर्व प्रधान का अपहरण, धमकी देकर छोड़ा, पुलिस बोली, घटना संदिग्ध
Sun, 11 Jul 2021 11:50 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:50 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के साढ़ के आस्वानगर गांव के पूर्व प्रधान ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हस्तक्षेप करने पर एक विधायक के गनर और समर्थकों पर नौबस्ता के मछरिया के पास से अपहरण करने का आरोप लगाया है। करीब एक घंटे उन्नाव में बंधक बनाकर रखने के बाद उन्हें धमकी देकर छोड़ दिया गया।
हालांकि, पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है। पूर्व प्रधान कुलदीप यादव ने बताया कि वह सपा से भीतरगांव ब्लॉक से जिला पंचायत चुनाव लड़ चुके हैं। शनिवार सुबह वह कार से दोस्त पवन के साथ निजी काम से नौबस्ता जा रहे थे।
विज्ञापन
हालांकि, पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है। पूर्व प्रधान कुलदीप यादव ने बताया कि वह सपा से भीतरगांव ब्लॉक से जिला पंचायत चुनाव लड़ चुके हैं। शनिवार सुबह वह कार से दोस्त पवन के साथ निजी काम से नौबस्ता जा रहे थे।
विज्ञापन
गाड़ी ड्राइवर नमन चला रहा था। नौबस्ता मछरिया मोड़ के पास पहुंचते ही आई काले रंग की कार ने उनकी कार रुकवा दी। आरोप है कि कार से बाहर निकलते ही विधायक के गनर और समर्थकों ने गालीगलौज करते हुए फायरिंग की और अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
इसके बाद रामादेवी से होते हुए अजगैन (उन्नाव) ले गए। एक बगीचे में बंधक बनाकर पीटा। आरोप है कि विधायक समर्थकों ने उनसे ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हस्तक्षेप न करने की धमकी दी। करीब डेढ़ घंटे बाद वो लोग उन्हें वहीं छोड़कर चले गए। इसके बाद वह अजगैन थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
उनके दोस्त पवन ने नौबस्ता पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी थी। इस पर नौबस्ता पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई थी। थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध है। घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला है, जिससे अपहरण की पुष्टि हो।
इसके बाद रामादेवी से होते हुए अजगैन (उन्नाव) ले गए। एक बगीचे में बंधक बनाकर पीटा। आरोप है कि विधायक समर्थकों ने उनसे ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हस्तक्षेप न करने की धमकी दी। करीब डेढ़ घंटे बाद वो लोग उन्हें वहीं छोड़कर चले गए। इसके बाद वह अजगैन थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
उनके दोस्त पवन ने नौबस्ता पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी थी। इस पर नौबस्ता पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई थी। थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध है। घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला है, जिससे अपहरण की पुष्टि हो।