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Kanpur: चकबंदी में फंसे 38 गांवों के किसान; खतौनी न होने से रुकी रजिस्ट्री, MSP पर नहीं बेच सकेंगे गेहूं

Wed, 15 Apr 2026 12:07 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Wed, 15 Apr 2026 12:07 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर के 38 गांवों में चकबंदी के कारण खतौनी न मिलने से किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उन्हें एमएसपी पर गेहूं बेचने में बड़ी दिक्कत आएगी।

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Kanpur Farmers in 38 Villages Stuck in Land Consolidation Process Unable to Sell Wheat at MSP
अनाज मंडी गेहूं की फसल (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में रबी सीजन के समय चकबंदी प्रक्रिया ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शासन के नए आदेश के तहत फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान अब समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं नहीं बेच सकेंगे। इससे जिले के करीब 38 गांवों के हजारों प्रभावित होंगे। नरवल तहसील के 10, घाटमपुर के एक और बिल्हौर के 27 गांवों के करीब 16 हजार से अधिक किसानों को परेशानी हो रही है।

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फार्मर रजिस्ट्री के लिए खतौनी अनिवार्य दस्तावेज है। चकबंदी प्रक्रिया के चलते इन गांवों में खतौनी जारी न होने से किसान चाहकर भी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं।  वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 42 गांव चकबंदी प्रक्रिया में शामिल थे। इनमें से चार में चकबंदी समाप्त हो चुकी है। शेष 38 गांवों के किसान अभी भी पंजीकरण से वंचित हैं।

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चकबंदी ने और जटिल बना दिया है
किसानों के सामने फसल की बिक्री का संकट खड़ा हो गया है।  समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से शिविर लगाए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण किसानों के आंकड़े अपलोड नहीं हो सके। फार्मर रजिस्ट्री अभियान पहले ही आधार, वरासत और खतौनी की त्रुटियों के कारण धीमी रफ्तार से चल रहा था। अब चकबंदी ने इसे और जटिल बना दिया है।

चकबंदी के कारण किसानों की खतौनी नहीं निकल पा रही है। जिले के करीब 1.78 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन चुकी है। अन्य के लिए गांवों के शिविर लगाए जा रहे हैं।  -आरएस वर्मा, उपनिदेशक कृषि

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