Kanpur: मस्तिष्क से फफूंदी निकाल बचाई आंख की रोशनी, हैलट में न्यूरो और ईएनटी विभाग की टीम ने की सर्जरी
Kanpur News: न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. सिंह ने बताया कि डायबिटीज रोगियों को इस तरह का संक्रमण जल्दी हो जाता है। इनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। साल में इस तरह के 24-25 रोगी आ रहे हैं।
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कानपुर के हैलट अस्पताल में डायबिटीज रोगी के मस्तिष्क से फफूंदी निकालकर आंख की रोशनी बचा ली गई। रोगी के नाक से फफूंदी मस्तिष्क तक चली गई थी। एंडोस्कोपिक विधि से रोगी का ऑपरेशन किया गया। अब रोगी की आंखों की रोशनी लौटने लगी है। रोगी की जांच में एस्परजेलोसिस फफूंदी का संक्रमण मिला। हैलट के न्यूरो साइंसेस विभाग में 36 वर्षीय महिला को एक सप्ताह पहले भर्ती किया गया था।
उसे आंख की रोशनी कम होने के साथ चक्कर आने की शिकायत थी। जांच हुई तो साइनस कैविटी में मवाद भरा मिला, जो मस्तिष्क के अंदर तक फैला था। इसका कारण मस्तिष्क तक फफूंदी पहुंचना था। न्यूरो साइंसेस प्रमुख एवं प्रोफेसर डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि फफूंदी के फैलने से आंख की ऑप्टिक नर्व भी प्रभावित हुई। इससे रोगी की आंख की रोशनी जा रही थी। संक्रमण नाक से होकर मस्तिष्क तक फैला था।
डायबिटीज रोगियों को जल्दी हो जाता है संक्रमण
उन्होंने बताया कि न्यूरो सर्जरी और नाक, कान, गला रोग (ईएनटी) विभाग की टीम ने मिलकर ऑपरेशन किया। इंडोस्कोपिक विधि से नाक के रास्ते मस्तिष्क तक पहुंचकर फफूंदी का जमाव हटाया गया। इसके बाद दवाओं से संक्रमण ठीक हुआ तो रोगी की आंखों की रोशनी लौटने लगी। न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. सिंह ने बताया कि डायबिटीज रोगियों को इस तरह का संक्रमण जल्दी हो जाता है। इनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। साल में इस तरह के 24-25 रोगी आ रहे हैं।