फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Educational institution evicted from pasture land worth crores directed to vacate the land with fine

Kanpur: शिक्षण संस्थान को करोड़ों की चारागाह जमीन से किया बेदखल, अर्थदंड के साथ कब्जा हटाने का दिया निर्देश

Sun, 15 Jun 2025 04:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 15 Jun 2025 04:25 PM IST
सार

Kanpur News: विभाग के अधिकारी ने बताया कि चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा था। जमीन को संस्थान केडीए की ओर से खरीदना बता रहा है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद केडीए ने जवाब नहीं दिया। जिस पर लेखपाल और डीजीसी रेवेन्यू की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने जमीन से सचिव को बेदखल कर दिया है।

विज्ञापन
Kanpur Educational institution evicted from pasture land worth crores directed to vacate the land with fine
शिक्षण संस्थान को चारागाह की जमीन से बेदखल किया - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में रूमा स्थित शिक्षण संस्थान को करोड़ों की चारागाह की जमीन से बेदखल कर दिया गया है। लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने सुनवाई करके संस्थान पर फर्जी तरीके से उपयोग करने पर सचिव पर 9.67 करोड़ का अर्थदंड लगाया है।

विज्ञापन

फिलहाल जमीन सरकार के खाते में दर्ज हो गई है। अगर कब्जा नहीं हटाया गया तो तहसील की टीम उसे गिरवाएगी। लेखपाल की रिपोर्ट पर संस्थान पर 3.2260 हेक्टेयर चारागाह की जमीन कब्जाने का मामला तहसीलदार नर्वल की कोर्ट में दर्ज किया गया था। तहसीलदार नर्वल विनीता पांडेय ने निर्णय दिया है। इस संबंध में संस्थान को नोटिस जारी किया गया है।

विज्ञापन

संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया
इसमें जवाब में संस्थान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने केडीए के प्रभारी अधिकारी से जमीन खरीदी थी। उस पर सिर्फ बाउंड्री हुई है। कोई निर्माण नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कॉलेज ने 15 साल से पक्की बाउंड्री बनाकर अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। इसलिए संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया गया है।

चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा था। जमीन को संस्थान केडीए की ओर से खरीदना बता रहा है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद केडीए ने जवाब नहीं दिया। जिस पर लेखपाल और डीजीसी रेवेन्यू की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने जमीन से सचिव को बेदखल कर दिया है। 9.67 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।  -नीरज सिंह सेंगर, सहायक शासकीय अधिवक्ता, राजस्व

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed