Kanpur: शिक्षण संस्थान को करोड़ों की चारागाह जमीन से किया बेदखल, अर्थदंड के साथ कब्जा हटाने का दिया निर्देश
Kanpur News: विभाग के अधिकारी ने बताया कि चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा था। जमीन को संस्थान केडीए की ओर से खरीदना बता रहा है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद केडीए ने जवाब नहीं दिया। जिस पर लेखपाल और डीजीसी रेवेन्यू की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने जमीन से सचिव को बेदखल कर दिया है।
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कानपुर में रूमा स्थित शिक्षण संस्थान को करोड़ों की चारागाह की जमीन से बेदखल कर दिया गया है। लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने सुनवाई करके संस्थान पर फर्जी तरीके से उपयोग करने पर सचिव पर 9.67 करोड़ का अर्थदंड लगाया है।
फिलहाल जमीन सरकार के खाते में दर्ज हो गई है। अगर कब्जा नहीं हटाया गया तो तहसील की टीम उसे गिरवाएगी। लेखपाल की रिपोर्ट पर संस्थान पर 3.2260 हेक्टेयर चारागाह की जमीन कब्जाने का मामला तहसीलदार नर्वल की कोर्ट में दर्ज किया गया था। तहसीलदार नर्वल विनीता पांडेय ने निर्णय दिया है। इस संबंध में संस्थान को नोटिस जारी किया गया है।
संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया
इसमें जवाब में संस्थान की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने केडीए के प्रभारी अधिकारी से जमीन खरीदी थी। उस पर सिर्फ बाउंड्री हुई है। कोई निर्माण नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कॉलेज ने 15 साल से पक्की बाउंड्री बनाकर अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। इसलिए संस्थान को विवादित भूमि से बेदखल कर दिया गया है।
चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा था। जमीन को संस्थान केडीए की ओर से खरीदना बता रहा है। दो बार पत्र भेजने के बावजूद केडीए ने जवाब नहीं दिया। जिस पर लेखपाल और डीजीसी रेवेन्यू की रिपोर्ट पर तहसीलदार नर्वल की कोर्ट ने जमीन से सचिव को बेदखल कर दिया है। 9.67 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। -नीरज सिंह सेंगर, सहायक शासकीय अधिवक्ता, राजस्व