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कानपुर देहात : निर्यात पर रोक से 150 रुपये प्रति क्विंटल गिरे गेहूं के दाम, सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद बढ़ने की उम्मीद

Mon, 16 May 2022 01:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 01:21 AM IST
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Kanpur Dehat : Wheat prices fell by Rs 150 per quintal due to ban on exports, expected to increase procurement at government purchasing centers
गजनेर पीसीएफ केंद्र में सन्नाटा। संवाद - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। निर्यात पर रोक लगते ही खुले बाजार में गेहूं के दामों में गिरावट आ गई। जिले में गेहूं के दाम 100 से 150 रुपये तक प्रति क्विंटल कम हो गए हैं। इससे सरकारी क्रय केंद्रों में धीमी पड़ी खरीद को रफ्तार मिलने की उम्मीद दिखी है।
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जिले में एक अप्रैल से 62 केंद्रों में गेहूं की खरीद हो रही है। इस बार शासन ने 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। डेढ़ माह बीतने के बाद भी क्रय केंद्रों में सिर्फ 81 किसानों से 4141 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
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लक्ष्य से खरीद अभी कोसों दूर है। इसका कारण बाजार मूल्य से शासन की ओर से तय किए गए सरकारी खरीद के दाम का कम होना रहा। इस बार सरकार ने गेहूं खरीद का मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि बाजार में 21 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं बिक रहा था।
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व्यापारी सीधे खेतों से किसानों से गेहूं की खरीद रहे थे। अधिक दाम, भागदौड़ की झंझट से बचने के लिए किसान व्यापारियों को ही गेहूं बेचने में प्राथमिकता दे रहे थे। वहीं, अब निर्यात पर रोक लगने के बाद शनिवार शाम से बाजार में गेहूं के दाम में गिरावट आ गई।
बाजार में गेहूं के दाम कम होने से अब सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद बढ़ सकती है। बाजार में गेहूं के दाम प्रति क्विंटल 1950 तक आ गए हैं, जबकि अभी तक यह 21 सौ रुपये तक चल रहा था। ऐसे में किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों की याद आने लगी हैं।

जिले के सभी क्रय केंद्रों में अब तक 4141 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। बाजार में रेट कम होने से क्रय केंद्रों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल किसानों ने अब तक बड़े पैमाने पर मिल व व्यापारियों को गेहूं बेच दिया है। लक्ष्य पूरा करने में इसका बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। - राघवेंद्र प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
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