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कानपुर देहात : क्रोमियम कचरा ढकने के लिए यूपीसीडा खर्च करेगा तीन करोड़, टेंडर की प्रक्रिया शुरू

Wed, 11 May 2022 01:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 01:12 AM IST
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Kanpur Dehat : UPcida will spend three crores to cover chromium waste, tender process begins
कानपुर देहात। अकबरपुर तहसील के खान चंद्रपुर में खुले में डंप क्रोमियम सल्फेट कचरा ढकने में यूपीसीडा तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह काम मॉनीटरिंग एजेंसी आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की सलाह कर किया जाना है। खतरनाक कचरा बारिश से पहले ढका जाना जरूरी है ताकि यह अब भूजल में और न घुल सके।
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खानचंद्रपुर में मटियामऊ मार्ग किनारे छह केमिकल फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम सल्फेट कचरा डंप है। एनजीटी ने राज्य सरकार को कचरे का निपटारा कराने के निर्देश दिए। इस पर राज्य सरकार ने यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
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अगस्त 2020 में क्रोमियम कचरा निस्तारण की कवायद शुरू हुई थी। आईआईटी कानपुर को क्रोमियम कचरा निस्तारण की तकनीकी व निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कंक्रीट के गड्ढे बनाकर क्रोमियम सल्फेट का निपटारा किया जाना है।
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इसके लिए कुंभी में सेंगुर नदी किनारे 15 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। यूपीसीडा को चिह्नित भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में वक्त लगेगा। इधर, आईआईटी के विशेषज्ञों ने बारिश से पूर्व खतरनाक कचरा ढकने की सलाह दी है।
ऐसा करने से क्रोमियम सल्फेट भूजल में घुलने से बच जाएगा। इससे और अधिक क्षेत्र का भूजल दूषित नहीं होगा। करीब दस बीघा क्षेत्र में फैले क्रोमियम सल्फेट कचरा को ढकने के लिए एचडीपीई (उच्च घनत्व पॉलिएथिलीन) जियोमेंब्रेन शीट का प्रयोग होगा।
यूपीसीडा ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। खतरनाक कचरा ढकने में करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एचडीपीई सीट उपलब्ध कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। 16 मई को टेंडर खुलेगा। (संवाद)

क्रोमियम सल्फेट कचरे के निपटान के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं है। इधर, बारिश में यह कचरा भूजल में घुलने से रोकना प्राथमिकता है। एचडीपीई जियोमेंबरेन शीट से खतरनाक कचरा ढकने के लिए योग्य कंपनियां आमंत्रित की गई हैं। - संजय तिवारी, एक्सईएन, यूपीसीडा।
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